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    दादाजी मंदिर को लेकर भक्तों में तनातनी, डोला निकाला

    Published: Fri, 08 Dec 2017 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 08 Dec 2017 05:40 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। श्री धूनीवाले दादाजी दरबार में मंदिर निर्माण के मंगल आरंभ के बाद भी निर्माण कार्य को लेकर श्रद्घालु एकमत नहीं हैं। ट्रस्ट ने जहां 108 खंभों के मंदिर निर्माण का मॉडल तैयार किया है, वहीं भक्तों का एक धड़ा 84 खंभों के ही मंदिर निर्माण की मांग कर रहा है। इसको लेकर गुरुवार को सिरपुर फाटे से डोला निकला, इसमें 84 खंभों का चंदन की लकड़ी से बना मॉडल भी लाया गया। दादाजी मंदिर में निशान चढ़ाकर श्रद्घालुओं ने 84 खंभों के मंदिर निर्माण की मांगी की। दूसरी ओर मंदिर परिसर में 108 खंभों के मंदिर निर्माण के लिए गुरुवार को आर्किटेक्ट की टीम ने सर्वे किया।

    सिरपुर फाटे से सुबह 11 बजे श्रद्घालुओं का डोला निशान लेकर दादाजी मंदिर के लिए निकला। बड़गांव गुर्जर, सिरपुर, बावड़िया और कोरगला सहित शहर के भक्त भी डोले के साथ खंडवा आए। निशान और 84 खंभों का मंदिर का मॉडल लेकर आए श्रद्घालु शहर के घासपुरा, भगतसिंह चौक, जय अंबे चौक, भवानी माता रोड और गणेश गौशाला चौराहा होते हुए श्रीधूनीवाले दादाजी धाम पहुंचे।

    यहां मंदिर में निशान चढ़ाए और 84 खंभों के मंदिर के निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन भी चढ़ाया। डोले में बड़गांव गुर्जर के सरपंच और भारतीय जनता युवा मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष बालकृष्ण करोड़ी, पर्यटन विकास निगम के सदस्य और भाजपा नेता राजेश डोंगरे, पार्षद अमर यादव, तपन डोंगरे और भाजपा प्रवक्ता सुनील जैन सहित अन्य उपस्थित रहे।

    84 खंभों का ही बने मंदिर

    सरपंच करोड़ी ने कहा कि मंदिर में ट्रस्ट तीन बार भूमिपूजन करके भी मंदिर का निर्माण नहीं करा रहा है, हमारी मांग है कि जब 84 खंभों के मंदिर का मॉडल तैयार है तो उसी मॉडल के आधार पर मंदिर बनाया जाना चाहिए। खंडवा में भव्य मंदिर निर्माण से यहां व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही पर्यटक भी दादाजी के दर्शन करने पहुंचेंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान, सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और कलेक्टर अभिषेक सिंह को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजकर हमने मांग की है कि ट्रस्ट को भंग किया जाए और जल्द से जल्द 84 खंभों का मंदिर निर्माण हो।

    तीन केंद्र बनाकर लिया ले आऊट

    ट्रस्ट द्वारा तैयार मॉडल के लिए गुरुवार से मंदिर परिसर में सर्वे शुरू हो गया। यहां अक्षरधाम मंदिर बनाने वाले अहमदाबाद के आर्किटेक्ट विरेंद्र त्रिवेदी की इंदौर की टीम ने तीन केंद्र बनाकर ले आऊट तैयार किया। इंजीनियरों ने मंदिर के खंभे और परिसर की लंबाई-चौड़ाई का सर्वे किया। कुछ दिन बाद यहां मिट्टी परीक्षण किया जाएगा। मिट्टी परीक्षण के बाद तय होगा कि परिसर में मंदिर निर्माण के लिए कितनी खुदाई करना होगी। विदित हो कि 1 दिसंबर को दादाजी की बरसी पर ट्रस्ट ने 108 खंभों के मंदिर निर्माण का मंगल आरंभ किया था।

    मध्यस्थता से निकले मार्ग

    84 और 108 खंभों के मंदिर निर्माण को लेकर आमने-सामने आए दो धड़ों के बाद तीसरा पक्ष चाहता है कि मध्यस्थता से कोई मार्ग निकले। दादाजी भक्त जतिन पटेल ने बताया कि पटेल सेवा समिति के कोमल भाऊ आखरे मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि ट्रस्ट के पदाधिकारी, दादाजी भक्त, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हो, यहां चर्चा कर सभी एक राय पर पहुंचे। इसके बाद मंदिर निर्माण कराया जाए।

    ट्रस्ट भंग करने की सुगबुगाहट

    दरअसल, दादाजी धाम मंदिर निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने है। एक पक्ष 84 खंभों का मंदिर बनवाना चाहता है जिसका नेतृत्व छोटे सरकार करते है। दूसरा पक्ष ट्रस्ट है जो पहले मंदिर निर्माण के पक्ष में नहीं था लेकिन अब 108 खंभों का मंदिर बनवाने के लिए भूमिपूजन करवा चुका है। इसका नेतृत्व ट्रस्ट के हाथ में है। ट्रस्ट में स्वामी विवेकानंद पुरी के साथ ही अधिवक्ता सुभाष नागौरी है।

    तीसरा पक्ष है जो किसी तरह के वाद-विवाद से दूर रहकर सिर्फ दादाजी धाम में सेवा देना चाहता है। यह पक्ष पटेल सेवा समिति है, जिसके मार्गदर्शक कोमल भाऊ आखरे है। इसके अलावा अधिकांश दादाजी भक्त चाहते है कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएं। ऐसे में एक सुगबुगाहट यह भी है ट्रस्ट भंग कर सरकार इस पर कोई फैसला कर सकती है।

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