स्वच्छता अभियान : नगरपालिका के सफाई अभियान की खुली पोल,

फोटो- 2 : गंजबासौदा। स्वच्छता अभियान की कलई खोलता वार्ड सात की गलियों में भरा गंदा पानी जहां से निकलने के लिए नागरिकों को दूसरी गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

फोटो-9 : गंजबासौदा। नियमित सफाई ना होने के कारण गंदगी से ठसाठस भरी गलियों की नालियां।

गंजबासौदा। इस साल हुए स्वच्छ सर्वेक्षण की सूची में जिलास्तर पर नगर पालिका ने पहले स्थान पर अपना कब्जा जमा लिया है। इसकी हकीकत हम नहीं शहर के गलियों व नालियों में पसरी गंदगी ही बता रही है। शहर में फैली गंदगी नपा को सफाई के लिए मिले पुरस्कार पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है। लोग शहर में फैली गंदगी से काफी परेशान है। नपा ने स्वच्छ सर्वेक्षण की सूची में पहला स्थान पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था और मेहनत का परिणाम भी मिला। जिला स्तर पर बासौदा नगर पालिका ने पहला स्थान प्राप्त कर लिया। जिससे नपा अध्यक्ष से लेकर सीएमओं व वार्ड पार्षदों से लेकर कर्मचारियों में भी खुशी की लहर देखने को मिली। लेकिन जमीन हकीकत कुछ और हैं नपा के अंतर्गत आने वाले अधिकांश वार्ड में गंदगी इस कदर है कि लोग इस गंदगी से परेशान हैं। आलम यह है कि वार्डों में खुले मैदान में गंदा पानी जमा हुआ है। रुके हुए पानी में मच्छर पनप रहे है और पानी की बदबू से लोग परेशान है। वार्ड 7 में भी इस तरह पानी सड़क के किनारे जमा हुआ है।

बताया जाता है इस वार्ड में एक व्यक्ति की मौत डेंगू की वजह से हो चुकी है। एक व्यक्ति का उपचार भोपाल में जारी है। लोगों का कहना है कि वार्ड की नालियों की सफाई 15 दिन में एक बार होती है सफाई कर्मचारी सड़क का कचरा झाड कर नाली में डाल देते है। जिससे नाली का पानी आगे जाना बंद हो जाता है। नाली में पानी रुकने से मच्छर हो जाते है। इतना ही नहीं शहर की मुख्य सड़कों पर भी कई जगह कचरे ढ़ेर लगे रहते है। नपा ने कचरा डालने के लिए जो डस्टबिन रखे थे वह भी कचरे से भरे हुए है। नपा के कर्मचारी इन डिब्बों को खाली भी नहीं करते दुकान संचालक भी अपनी दुकान से निकला कचरा सड़क पर ही डाल देते है। वार्ड सात में एसजीएस कॉलेज के सामने वाली गली में गंदगी का आलम तो यह है कि घरों के सामने नालियों का गंदा पानी और गंदगी ओव्हर होकर गली में फैल रही है। यहां के रहवासी बीमार हैं लेकिन नपा समस्या का समाधान नहीं कर रही हैं। इस वार्ड से पार्षद स्वयं नपा की उपाध्यक्ष हैं लेकिन उन्होंने भी कभी गंदगी से हैरान परेशान नागरिकों के बारे में जानकारी नहीं ली इससे रहवासयिों को गंदगी से निजात मिल सके।

सूची में शामिल होने लाखों रुपये लगा दिए

नपा ने स्वच्छ सर्वेक्षण की सूची में शामिल होने के लिए लोगों को साफ-सफाई के लिए जागरूक करने के लिए काफी प्रयास किया। इसके लिए नपा कि ओर से प्रत्येक वार्ड सर्वजनिक स्थल पर नाटक का मंचन किया। चौक-चौराहों पर जागरूकता के बोर्ड लगाए गए। उसका परिणाम भी नपा को मिला। जबकि नागरिकों का कहना है नपा ने सूची में शामिल होने के लिए लाखों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन हुआ क्या आज भी शहर में गंदगी फैली हुई हैं कई जगह गंदा पानी भरा हुआ। अब जबकि गर्मी का सीजन शुरु हो गया है। ऐसे में गंदे पानी में मच्छरों की संख्या भी बड़ जाती है। जिससे लोगों में मलेरिया जैसी बीमारी फैलने का भय बना रहता है। इस संबंध में नपा के स्वच्छता निरीक्षक आर के नेमा से नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर उनका पक्ष जानना चाहा तो कई बार मोबाइल पर संपर्क करने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया इससे उनका पक्ष मिल सके।

स्वच्छता के दावों की कलई खोल रहा है सफाई अभियान

नपा में सफाई कर्मचारियों की संख्या काफी है और प्रत्येक वार्ड में सफाई कर्मचारियों की अलग अलग ड्यूटी लगी हुई है। सड़कों पर सफाई नाम मात्र ही दिखाई देती है। लोगों का कहना है किअधिकारियों को सफाई कर्मचारियों के काम की मौके पर आकर समीक्षा करनी चाहिए। जहां भी गंदगी नजर आए संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई करनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है कि नालियों व नाले में कचरे से भरे हैं। वार्ड की गलियों में नालियों की सफाई नहीं हो रही है जिससे सड़कों पर उड़ने वाली पन्नाी व अन्य कचरा नालियों में भरा जाता है। इससे नालियां चोक हो रही है। कचरा भरा होने से नाली में भरे पानी की बदबू आती है इससे घरों के बाहर खड़ा होना मुशकिल होता है। कई बार नपा के अधिकारियों से नालियों की नियमित सफाई कराने की मांग की गई जब शिकायत करने जाते है तो दूसरे दिन आ जाते है लेकिन उसके बाद दोबारा नहीं आते इसी वजह से नालियों में कचरा भर जाता है।

ऑनलाइन मंगाया मोबाइल तो निकली भगवान की प्रतिमा

ऑनलाइन खरीदी :

फोटो-3 : गंजबासौदा। ऑनलाइन ठगी के शिकार को पैकिट से 20 हजार के मोबाइल के स्थान पर मिला यह सामान।

गंजबासौदा। आज के दौर में युवा पीढ़ी ऑन लाइन खरीदी में अधिक विश्वास रखती है कई ऐसे युवा है जो ऑनलाइन खरीदी कर अपनी पसंद का सामान खरीदते हैं। लेकिन कभी कभी कुछ लोग ऑन लाइन खरीदी के दौरान ठगी का शिकार हो जाते हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आए उक्त युवक ने ऑनलाइन एक चार हजार का मोबाइल मंगाया। इसकी डिलेवरी के लिए युवक शनिवार को पोस्ट आफिस गया। उसने चार हजार रुपए जमा कर अपना पैकेट ले लिया और खुशी-खुशी आफिस से बाहर आकर पैकेट को खोलकर मोबाइल देखने लगा जैसे ही युवक ने पैकेट खोला उसके अंदर मोबाइल के स्थान पर छोटी-छोटी प्रतिमा देख युवक के होश उड़ गए। युवक ने अपने साथ हुई ़ठगी की शिकायत करने थाने पहुंचा, लेकिन उस युवक की श्किायत लिखे बिना ही उसे थाने से चलता कर दिया। राजेन्द्र नगर निवासी 18 वर्षीय आर्यन यादव ने बताया कि उसे पिछले 15 दिन पहले मोबाइल नम्बर 9643170359 और 8750346659 से कॉल आया था कि यदि आप बीस हजार का मोबाइल केवल चार हजार में खरीदना चाहते है तो तुरंत संपर्क करो। युवक ने बताया कि बीस हजार का मोबाइल चार हजार में मिलने की बात सुन मैने तुरंत बुकिंग कर दी। आर्यन यादव ने बताया उसे फोन आया कि अपका मोबाइल भेज दिया है पोस्ट आफिस से जाकर ले लो में पोस्ट आफिस पहुंचा और वहां से पैकेट लाकर खोला तो उसमे एक बॉक्स निकला बॉक्स खोला तो उसमें छोटी मूर्ति भवन के चरण और लॉकेट निकला। आर्यन ने बताया कि यह देख में दंग रह गया। सीधा थाने शिकायत करने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मेरी एक न सुनी और मुझे बैरंग ही लौटना पड़ा।

कई मामले अब तक आए सामने

ऑन लाइन खरीदी में ठगी का शिकार होने का यह पहला मामला नहीं है ऐसे कई लोग है जो इस तरह से ठगी का शिकार हुए है। कई ऐसे मामले भी समाने आए जिनमें लोगों से मोबाइल से उनके एटीएम का कोड पूछकर उनके खाते से राशि निकल ली गई। उसके बाद पीड़ितों ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। अधिकांश ऐसे मामलों में जिस नम्बर से फोन आता है बाद में वह नम्बर लगाने पर नहीं लगता।