ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि । 13 साल की किशोरी, जो नशे की लत की आदी है उसको सुधार के लिए आश्रम में लाया गया, लेकिन 6 दिन भी नहीं रोक सके। सुबह बाथरूम जाने की कहकर आंगन में पहुंची। यहां दरवाजे पर पैर रखकर वाटर कूलर पर चढ़ी और 10 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गई। घटना गुरुवार सुबह 6.35 बजे बिरला नगर स्थित शांति निकेतन आश्रम की है। घटना का पता लगते ही आश्रम के अधिकारियों ने तलाश शुरू की। साथ ही पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है।

मेला ग्राउंड के पास नशे की लत की आदी एक 13 साल की नाबालिग रानी (परिवर्तित नाम) को बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था ने निगरानी में लिया था। जिसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया था। बाल कल्याण समिति के आदेश पर नाबालिग को 8 जून को हजीरा बिरला नगर स्थित आश्रम शांति निकेतन में सुधार के लिए दाखिला कराया था। उसी दिन से नाबालिग इस आश्रम में थी। गुरुवार सुबह 6.35 बजे सिक्युरिटी गार्ड राजेन्द्र सिसौदिया मुख्य दरवाजे पर था। जबकि हाउस मदर निर्मला अग्रवाल से इजाजत लेकर रानी बाथरूम के लिए गई। बाथरूम के पास ही वाटर कूलर लगा है।

ऐसे भागी नाबालिग -

नाबालिग ने बाथरूम के दरवाजे पर पैर रखा ओर वाटर कूलर पर चढ गई। कूलर पर खड़ी होकर 10 फीट की दीवार पर खड़ी होकर पीछे मैदान की तरफ कूदकर भाग गई। जब काफी देर तक वह नहीं लौटी तो हाउस मदर ने जाकर चेक किया। कहीं नहीं दिखी तो सिक्युरिटी गार्ड को सूचना दी। आसपास के इलाके में जाकर नाबालिग की छानबीन की। कहीं नहीं मिलने पर हजीरा थाना पहुंचकर शिकायत की। जिस पर पुलिस ने नाबालिग के बहला-फुसलाकर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।

मेला ग्राउंड से लेकर स्टेशन तक खंगाला -

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस व आश्रम के लोगों ने मेला ग्राउंड में जाकर छानबीन की जहां से नाबालिग को आश्रम पहुंचाया था। वहां उसके कुछ साथी व भाई बहन जरुर दिखे हैं पर रानी अपने घर नहीं पहुंची। इसके अलावा पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के आसपास भी नाबालिग की तलाश में अभियान चलाया, लेकिन वह नहीं मिली है।