भोपाल(नरि)। एनआईटी और आईआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई मेंस की ऑनलाइन परीक्षा 8 से 12 जनवरी तक हुई। 8 जनवरी को बीआर्क वालों की परीक्षा हुई। हर बार मैथ्स और फिजिक्स

के सवालों को हल करने में काफी समय लग जाता था, लेकिन इस बार के आसान पैटर्न ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया है। पिछले साल तक जेईई मेंस ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड पर हुआ

करती थी। इस साल ऑनलाइन मोड से ही प्रतिभागियों को परीक्षा देना थी। भोपाल से करीब 20 हजार प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। परीक्षा एक्सपर्ट केके शर्मा ने बताया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इस साल से प्रतिशत के बजाय पर्सेंटाइल बेस्ड पर ऑल इंडिया रैंक जारी करने का निर्णय लिया है। इससे परिणामों में और पारदर्शिता आएगी। पहले तक आईआईएम में प्रवेश के लिए होने वाली कैट के परिणाम पर्सेंटाइल में जारी होते रहे हैं। जनवरी में जिन प्रतिभागियों की परीक्षा अच्छी नहीं रही है, उनके लिए 6 से 20 अप्रैल के बीच होने वाली जेईई मेंस में बैठने का मौका रहेगा। दोनों परीक्षा में से जिसमें ज्यादा पर्सेंटाइल प्रतिभागी को आएंगे, उसके परिणाम 31जनवरी को जारी होंगे। आंसरशीट 16 जनवरी को

आ जाएगी।

हर महीने की 30 तारीख को खातों में आएगी स्कॉलरशिप

भोपाल(नरि)। यूजीसी और एआईसीटीई के जरिए मिलने वाली फेलोशिप व स्कॉलरशिप की राशि अब छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में प्रत्येक महीने की 30 तारीख को जमा कर दी जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके लिए एक नया सिस्टम तैयार कर लिया है। दोनों ही संस्थानों की फेलोशिप व स्कॉलरशिप मिलने में होने वाली देरी की शिकायतों की लंबी फेहरिस्त मिलने के बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। बीती 30 नवंबर को पहली किस्त जारी कर दी गई है। बकाया फेलोशिप राशि के भुगतान के लिए 250 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। बता दें कि देश में हर साल करीब 2.44 लाख छात्रों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी और एआईसीटीई के माध्यम से स्कॉलरशिप एवं फेलोशिप मिलती है। इस पर केंद्र सरकार सालाना 4000 करोड़ रुपए खर्च करती है। इनमें जेआरएफ से लेकर प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप जैसी प्रतिष्ठित फेलोशिप भी शामिल हैं।