गोटेगांव। नगर से लगे ग्राम चांदनखेड़ा में जैविक खेती करने वाले किसान ने अपनी गाय की मौत होने पर पूजन कर गौ समाधि विधि से अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों को बताया कि उनके घर गाय बेचने की परंपरा नहीं है। किसानों-ग्रामीणों को गौ समाधि विधि की जानकारी भी दी गई जिसमें कहा कि ऐसा करने से उन्हें आर्गेनिक खाद भी मिलेगी जो 10 एकड़ के लिए पर्याप्त होगी। इससे प्रकृति को बचाने वाली गाय के पालन के प्रति भी लोगों की रूचि बढ़ेगी।

किसान एवं जनपद सदस्य विशाल सिंह पटेल द्वारा कराई गई गौ समाधि के पूर्व द्वारका प्रसाद तिवारी ने पूजन कराया। इस मौके पर तोफान सिंह पटेल, डिल्ली सिंह, तेईसिंह पटैल, सरपंच बहादुर पटैल, गनेश भगत, राजेन्द्र सिंह ,शैलेंद्र राजपूत, डॉ.नरेंद्र पटेल, इंजी. सिद्घार्थ लोधी, गौ रक्षक संतोष विश्वकर्मा आदि समस्त ग्राम वासियों की उपस्थिति रही।

यह बताई विधि

किसान श्री पटैल ने गौसमाधि करने की विधि बताई। जिसमें कहा कि 4-5 फुट गहरा गड्ढा खोदकर 4-5 इंच नीचे गोबर डाल दें, बाद में मृत होने वाली गौमाता को लिटा दें। आसपास मिट्टी डाल दें एवं गोबर से गौमाता को ढक दें। इसके बाद 25 से 30 किलो खड़ा नमक, 25 से 30 किलो चूना पाउडर गोबर के ऊपर डालकर मिट्टी डालें। एक फुट मिट्टी डालने के बाद नमक ,चूना पाउडर थोड़ा और डालें व पूरा गड्ढा मिट्टी से भर दें। गड्ढे से 3 फुट ऊंची मिट्टी होना चाहिए। यह भी ध्यान रखा जाए कि गड्ढे में किसी भी प्रकार का पानी न जाए। ऊंचे स्थान पर गड्ढा खोदना है और दोनों तरफ से नाली बनाना है, 12 से 14 माह बाद आप जब गड्ढा खोला जाएगा तो उसमें चाय पत्ती जैसी खाद मिलेगी जो करीब 10 एकड़ में डालने के लिए पर्याप्त होगी।

यह होगा फायदा

इस विधि से गौ रक्षा होगी, गौ पालन में रूचि बढ़ेगी। इस खाद से जमीन भी बचेगी रासायनिक कृषकों को और जैविक कृषकों को फायदा भी होगा। समस्त कृषकों को इसका लाभ भी होगा।