अखलेश गुप्ता, सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हुई है, इसके पहले ही जिले भर की कृषि उपज मंडियों और उपमंडियों में गेहूं की बंपर आवक हो रही है। किसान उपज बेचने मंडी प्रांगण में ही ट्रैक्टर ट्रालियों पर रतजगा कर रहे हैं। इसकी वजह है बिक्री पर मिल रही नकद राशि है। कई किसानों को यह डर सता रहा है कि अगर समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच दिया तो बैंक से सीधे कर्ज में राशि कट जाएगी, क्योंकि अभी तक ऋण भी माफ नहीं हुआ है।

एक सप्ताह से जिले भर की कृषि उपज मंडियों व उपमंडियों में बड़ी संख्या में किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं, जबकि समर्थन मूल्य पर खरीदी 25 मार्च से शुरू होना है। धबोटी गांव के किसान गनेश यादव, ग्राम कु डी के हफीज खान, ग्राम अतरालिया के सौदान मीणा का कहना है कि खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल बेची थी, जिसका पैसा कई अभी तक नहीं मिला है। अब समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचेंगे तो इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। सरकार का कोई भरोसा नहीं है। साथ ही ऋण भी माफ नहीं हुआ है। यदि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा तो ऋण का पैसा भी कट सकता है। जबकि कृषि उपज मंडी में नकद भुगतान कि या जा रहा है।

कुछ किसानों का यह भी कहना है कि लोकसभा चुनाव है, पता नहीं गेहूं के पैसे का भुगतान कब आएगा। मंडी में अभी 1950 क्विंटल तक गेहूं का भाव मिल रहा है। जबकि समर्थन पर 1840 रुपए और 160 रुपए बोनस मिलेगा।

कहां-कितनी हो रही खरीदी

जिले भर में एक सप्ताह से गेहूं बंपर आवक हो रही है। सीहोर कृषि उपज मंडी में 15 से 20 हजार क्विंटल, आष्टा में 12 से 15 हजार क्विंटल, श्यामपुर व अहमदपुर में 8 से 10 हजार क्विंटल, रेहटी में 5 से 7 हजार क्विंटल, नसरुल्लागंज में 8 से 9 हजार क्विंटल और इछावर मंडी में डेढ़ से 2 हजार क्विंटल गेहूं की प्रतिदिन आवक हो रही है। सुबह से शाम तक मंडियों के तीन शेडों में करीब 10 बार हुई नीलामी में शरबती गेहूं 2400 से 2800 रुपए, 1544 वेरायटी 1850 से 2000 रुपए और लोकवन 1850 से 1950 रुपए क्विंटल में नीलाम हो रहा है।

अधिक हो रही आवक

कृषि उपज मंडी में एक सप्ताह से बंपर आवक हो रही है। कि सान नकद पैसे मिलने से उपज बेच रहे हैं कि समर्थन में ऋण के पैसे कटने के डर से उपज बेच रहा है। यह नहीं कहा जा सकता है। - करुणेश तिवारी सचिव कृषि उपज मंडी सीहोर