इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । टाइल व्यापारी के 11 वर्षीय बच्चे के अपहरण की सूचना से शुक्रवार दोपहर सनसनी फैल गई। पुलिस ने नाकाबंदी करवाई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले। करीब 5 घंटे छानबीन के बाद मिले बच्चे ने बताया कि पिता फोन पर बात करने में व्यस्त थे। उसे बाइक पर बैठाना भूल गए और चले गए। उसने आवाज भी लगाई लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।

वाकया स्कीम 54 का है। संगम नगर निवासी 42 वर्षीय टाइल व्यापारी गोपाल भावसार के 11 वर्षीय बेटे कुशाग्र के पेट में सूजन थी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे गोपाल और पत्नी रीना बेटे की सोनोग्राफी करवाने अपोलो राजश्री (स्कीम 54) अस्पताल ले गए। किन्हीं कारणों से सोनोग्राफी नहीं हुई और बेटे को पति के पास छोड़कर रीना घर रवाना हो गई।

गोपाल ने बेटे को अस्पताल के गेट के पास खड़ा किया और पार्किंग से बाइक लेने चले गए। उन्होंने गाड़ी स्टार्ट की और दोस्त का फोन आ गया। बेटे को लगा कि बात करने के बाद पिता उसे गाड़ी पर बैठा लेंगे लेकिन गोपाल ने फोन हेलमेट में फंसाया और बाइक लेकर चल दिए। बच्चा रोते हुए बाइक के पीछे दौड़ा, तब तक गोपाल काफी आगे निकल गए।

विजय नगर टीआई सुधीर अरजरिया के मुताबिक बच्चा लापता होने की खबर मिलते ही रीना ने थाने में पहुंचकर अपहरण की शंका जताई। पुलिस ने गोपाल से पूछताछ कर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। गोपाल ने बताया कि बच्चा भूखा था। पुलिस को लगा कि वह होटल के आसपास हो सकता है। पार्क में भी सो सकता है।

टीम ने आसपास के होटल, रेस्तरां और पार्क में खोजना शुरू किया। चौराहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए। टीआई ने टीमों को विजय नगर से संगम के तीन रास्तों पर रवाना किया। करीब 5 बजे बच्चा पैदल ही संगम नगर जाते मिला। टीआई के मुताबिक कुशाग्र पांचवीं में पढ़ता है।