खालवा (खंडवा)। आदिवासी अंचल में रिश्तों को तार-तार करने वाली घटना हुई। पिता ने 15 वर्षीय पुत्री को हवस का शिकार बनाया। इसके पूर्व भी वह दो बार ज्यादती कर चुका है, लेकिन किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने से किशोरी चुप रही। इस बार हिम्मत कर उसने नानी को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

खालवा थाने के एएसआई वीरेंद्र सिंह बिसेन ने बताया कि विकासखंड के ग्राम भगांवा में पीड़ित किशोरी पिता की हरकतों से परेशान थी। इसके चलते वह हरदा मजदूरी करने चली गई थी। शुक्रवार को वापस गांव लौटी थी। उसके पास 1500 रुपए देख पिता ने मारपीट कर छीन लिए।

मारपीट के बाद किशोरी गांव में ही रहने वाली नानी के घर चली गई। शाम को आरोपित पिता नानी के घर पहुंचकर रोटी बनाने का बहाना बनाकर किशोरी को घर ले आया। रात में उसके साथ मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए और ज्यादती की। डरी-सहमी किशोरी रातभर रोती रही।

पिता के बाहर जाते ही शनिवार को वह भाग कर नानी के घर चली गई। उसने नानी को पिता की हरकत के बारे में बताया। शाम हो जाने से नाना-नानी ने रविवार को आरोपित दामाद से पूछताछ कर समझाने का प्रयास किया तो उसने गाली-गलौज और धमकाकर उन्हें भगा दिया।

इसके बाद नाना-नानी ने गांव वालों को इसकी जानकारी दी। मौके पर डायल 100 को बुलाकर आरोपित पिता को पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने पीड़िता को थाने बुलाकर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आरोपित पिता पर धारा 376, 376 (2), 5/ 6 पास्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इससे पहले भी मौसी की शादी के समय और गुरुपूर्णिमा पर घर में जब कोई नहीं था तब उसके साथ पिता गलत काम कर चुका है। किसी को बताने पर मेरे भाई-बहन और मुझे मार डालने की धमकी दी थी, इसलिए गांव छोड़ कर हरदा जिले में मजदूरी के लिए चली गई थी।

पिता को कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए। आरोपित की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता की मां घर छोड़ कर कहीं चली गई। किशोरी के तीन भाई-बहन को वह नानी के पास छोड़ गई है। मां नहीं होने से वह पिता की रोटी बनाने के लिए घर जाती थी।