ब्यावरा। समर्थन मूल्य पर चना, मसूर की खरीदी केंद्रों पर 9 जून की बजाय अब 30 मई तक होगी। मौसम के रूख को देखते हुए शासन ने खरीदी की समयअवधि कम की है। जबकि समर्थन मूल्य केंद्रों पर उक्त अनाज की खरीदी को 9 जून 2018 तक खरीदी के निर्देश थे। वहीं क्षेत्र के कृषकों मेसेज भी 8 जून तक के दिए गए थे। ऐसे में खरीदी समय अवधि बढ़ाने के स्थान पर कम किया जाना कृषकों के लिए सिरदर्द खड़ा करेगा। क्योंकि इस समय चना-मसूर और सरसों को बेचने किसान बढ़ी तादाद में खरीदी केंद्रों पर पहुॅच रहे है। पहले ही उनकी उपज को तुलाई में नम्बर एक-एक सप्ताह में आया है और खरीदी मेैसेज भी 1 जून के बाद के मिले है। ऐसे में दिक्कत यह है कि मैसेज के हिसाब से तुलाई कैसे कराएंगे। इस पर विभाग का कहना है हम किसानों को जिन्हें जून माह के मैसेज दिए है, उन्हें रिशेैड्यूल करेंगे और 30 मई से पहले उनकी फसल को तोला जाएगा। डेढ़ माह से रोजाना तुलाई के बाद भी करीबन 10 हजार किसानों की उपज की तुलाई का कार्य पेडिंग बताया जा रहा है। मार्कफेड के मुताबिक 10 हजार मेट्रिक टन चना, 6500 और 500 मेट्रिक टन सरसों की तुलाई शेष है । इधर दो दिन पहले डीएमओ मार्कफेड राजगढ़ राखी रधुवंशी ने देर रात्रि में आकर ब्यावरा खरीदी केंद्र पर पहुॅचकर जायजा लिया । उन्होंने खुले मैदान में यहां वहां रखी उपज खराब न हो और शीघ्र ही उसे सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए है। डीएमओ का कहना था कि 30 मई तक हर हाल में पूर्ण किए जाने के निर्देश मौसम को देखते हुए मिले है। किसानों को पुनः मेसेज रिशैड्यूल किए जाने लगे हैं।

बढ़ाई तोल कांटों की संख्या

हाल ही में समर्थन मूल्य पर की जा रही उपज खरीदी के केंद्रों पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने दौरा कर तोल कांटे बढ़ाने और किसानों को कोई परेशानी न आए ऐसे निर्देश दिए थे।किसानों की तुलाई की समस्या को देखते हुए अब मंडी में खरीदी केंद्र पर 40 ओैर हम्माल बढ़ा दिए गए है, और 5 तोल कांटों के स्थान पर तोल कांटों की संख्या 10 कर दी गई है।

हम्मालों को भी नहीं मिली राशि

समर्थन मूल्य पर चना-मसूर ओर सरसों की खरीदी 12 अप्रेल से चल रही है। अभी तक ब्यावरा खरीदी केंद्र पर 4 करोड़ 5 लाख रुपए बाकी चल रहे है। वहीं 7 लाख रुपए हम्मालों का भी शेष है। ऐसे में यह लोग परेशानी में चल रहे है। जबकि किसानों के खातों में तो 1 करोड़ 95 लाख रुपए गुरूवार को डाले गए है, लेकिन हम्मालों के खातों में कुछ भी राशि नहीं डाली गयी है।