भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। मंत्रालय में मौजूद रहने के दौरान मंत्री और उनके स्टाफ के चाय व नाश्ते पर होने वाला खर्च यूं तो सरकार उठाती है, लेकिन वित्तमंत्री तरुण भनोत ने इससे इनकार कर दिया है। उन्होंने सामान्य प्रशसान विभाग को लिखकर दिया है कि उनके स्टाफ और अतिथियों के ऊपर जो भी खर्च होगा, उसका भुगतान वे स्वयं करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग की अधीक्षण शाखा से मंत्रियों के स्टाफ को नाश्ता व चाय के लिए रसीद बुक दी जाती है। मंत्री जब कभी भी मंत्रालय में होते हैं तो उनके अतिथि और बैठकों के दौरान चाय-नाश्ता का प्रबंध इंडियन कॉफी हाउस से होता है। इसका भुगतान अधीक्षण शाखा सत्कार मद से करती है। नियमानुसार वित्त मंत्री के स्टाफ को भी रसीद बुक दी गई थी, लेकिन उनके निर्देश पर स्टाफ ने लिखकर दे दिया कि हमारे कार्यालय में जो भी खर्च चाय-नाश्ता पर होगा, उसका भुगतान वित्त मंत्री की ओर से नकद किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री इस कदम के जरिए संदेश देना चाहते हैं कि सभी मंत्री और अधिकारी मितव्ययता बरतें। इसके लिए वे एक अधिकारी एक वाहन का फार्मूला लागू करने के लिए नोटशीट भी लिख चुके हैं। भनोत का कहना है कि मुझसे मिलने आने वालों के सत्कार पर खर्च होने वाली राशि का भार सरकारी खजाने पर क्यों पड़ना चाहिए। मेरे अतिथि हैं तो उनका सत्कार भी मैं ही करूंगा।