इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अमेजॉन कंपनी को लाखों की चपत लगाने वाले चार आरोपितों को सायबर सेल ने गिरफ्तार किया है। चार में से एक इंजीनियर, दो भोपाल के व्यापारी और एक कंपनी का डिलिवरी बॉय है। व्यापारी और इंजीनियर फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर कंपनी द्वारा दिए जा रहे एक्सचेंज ऑफर में नामी कंपनियों के क्लोन (नकली) मोबाइल देकर असली मोबाइल हथिया रहे थे। अभी तक उन्होंने कंपनी से क्लोन मोबाइल देकर 109 ब्रांडेड मोबाइल खरीदना कबूला है जिनकी कीमत करीब 20 लाख रुपए है। सायबर सेल अब दिल्ली और मुंबई में रहने वाले उन सप्लायर्स की तलाश में जुटी है जो आरोपितों को क्लोन मोबाइल उपलब्ध करवाते थे।

सायबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि 22 नवंबर 2018 को अमेजॉन कंपनी ने शिकायत की थी कि उसके पास करीब 109 ऐसे मोबाइल हैं जो लगातार एक जैसे ईमेल आईडी द्वारा बुलवाए गए हैं। एक्सचेंज ऑफर में ब्रांडेड मोबाइल बुलवाकर कंपनी को क्लोन मोबाइल थमा रहे हैं। इस पर सेल की टीम ने पड़ताल की। ईमेल आईडी के माध्यम से एलआईजी में रहने वाला इंजीनियर सुशांत सिंह ट्रेस हुआ। उस पर सख्ती बरती तो उसने अपने सहयोगी उजेर पिता वसीम अहमद खान, गौरव पिता इंद्रकुमार लालवानी और गगन पिता जगतवीर त्यागी के नाम कबूले। सुशांत मूलतः बिहार का रहने वाला है। भोपाल में रहकर उसने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। जबकि, उजेर की भोपाल के जहांगीराबाद में क्लोन मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की दुकान है। वहीं, गौरव लालवानी की भी भोपाल के ज्योति सिनेमा के पास मोबाइल की दुकान है।

लालच में अपराधी बन गया इंजीनियरिंग का मेधावी छात्र

सुशांत के सिविल इंजीनियरिंग में 96 प्रतिशत अंक हैं। वह आईआईएम में एडमिशन लेने के लिए इंदौर में कोचिंग कर रहा था। भोपाल से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वह इंदौर आ गया और यहां कैट की परीक्षा की तैयारी करने लगा। सुशांत को इस गोरखधंधे में उजेर व उसके सहयोगी लालवानी ने उतारा। जब सुशांत भोपाल में था तो उजेर की दुकान पर आना-जाना था। उजेर ने सुशांत को लालच दिया कि वह अमेजॉन कंपनी से ब्रांडेड मोबाइल बुलवाता है और एक्सचेंज ऑफर में क्लोन थमा देता है। कंपनी को इस बारे में पता भी नहीं चलता है। सुशांत उसकी बातों में आ गया और उसने भी दो असली और दो फर्जी ईमेल आईडी बनाकर क्लोन मोबाइल देकर कंपनी से असली हथिया लिए। जब कंपनी की ओर से कोई समस्या नहीं आई तो सुशांत का साहस बढ़ते गया।

डिलिवरी बॉय को 300 रुपए में साजिश में किया शामिल

सुशांत उजेर और लालवानी को पीछे छोड़ते हुए इस फर्जीवाड़े को लगातार करता रहा। वह दोनों से क्लोन मोबाइल लेकर उन्हें एक्सचेंज में कंपनी को दे देता था। इस गैंग के निशाने पर आईफोन 7, आईफोन 7 प्लस, सैमसंग नोट-8 और 9 सहित 25 से लेकर 60 हजार रुपए तक के मोबाइल रहते थे। जबकि क्लोन मोबाइल दो से तीन हजार रुपए कीमत के रहते थे। जो हूबहू ब्रांडेड कंपनी की तरह दिखाई देते थे। क्लोन मोबाइल को ब्रांडेड बताकर वे अमेजॉन कंपनी से एक्सचेंज के माध्यम से महंगे मोबाइल कम कीमत में खरीद लेते थे। जितने रुपए में मोबाइल खरीदते थे उससे चार-पांच हजार रुपए ज्यादा में क्विकर, ओएलएक्स या फिर अन्य ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से बेच देते थे। सुशांत के पास जब डिलिवरी बॉय गगन त्यागी लगातार मोबाइल देने आता था तो उसकी दोस्ती हो गई। उसके बाद गगन को वह 300-400 रुपए देकर अलग-अलग जगह डिलिवरी देने बुलवा लेते थे। गगन की ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके भी सुशांत ने मोबाइल बुलवाए।

12 लाख का पैकेज छोड़कर टीसीएस कंपनी ज्वाइन करने वाला था इंजीनियर

सुशांत के पिता सरकारी अधिकारी हैं। वे परिवार के साथ बिहार में ही रहते हैं। सुशांत को एक कंपनी से 12 लाख का पैकेज मिला था जिसे छोड़कर वह अब टीसीएस ज्वॉइन करने वाला था। टीसीएस में उसका सिलेक्शन हो चुका था। पूछताछ में उसने बताया कि वह दिसंबर 2017 से इस फर्जीवाड़े में शामिल हुआ था। परिवार की तरफ से रुपए की कहीं कमी नहीं आई लेकिन सिर्फ मजाक-मजाक में इस गलत काम को अंजाम देने लगा। फर्जी तरीके से हथियाए गए मोबाइल की पूरी जानकारी अमेजॉन कंपनी ने सायबर सेल को भेजी है। कंपनी द्वारा दिए गए मोबाइल के आईएमईआई नंबर के आधार पर उन्हें ट्रेसिंग पर डाला गया है जिससे प्रदेश और उसके बाहर बेचे गए मोबाइल की लोकेशन पता कर उन्हें जब्त किया जा सके।