- 24 अक्टूबर को बांधवगढ़ से वन विहार लाई गई थी बाघिन, स्वभाव काफी शांत हुआ

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

बांधवगढ़ से पिछले माह 24 अक्टूबर की रात वन विहार नेशनल पार्क लाई नई बाघिन पहले से शांत रहने लगी है। कर्मचारियों को देखकर गुर्राना भी बंद कर दिया है। शुरुआत में वह अपने आसपास मानवीय दखल को देखते ही गुर्राने लगती थी। ये संकेत उसके व्यवहार में आ रहे बदलाव के हैं। इसे अगले महीने नए बाड़े में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसकी तैयार शुरू कर दी गई है। यह बाड़ा आकार में काफी बड़ा होगा, जिसमें वह खुले जंगल का अहसास कर सकेगी। अभी उसे क्वारंटाइन (एक छोटा बाड़ा) में रखा जा रहा है। अप्रैल के महीने में इस बाघिन ने कटनी सामान्य वन मंडल के जंगल में कुआं गांव के आसपास रहवासियों पर हमले किए थे। इसके कारण तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को बाघिन को रेस्क्यू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में रखा जा रहा था। फिर 24 अक्टूबर को वन विहार नेशनल पार्क में शिफ्ट किया गया। डायरेक्टर समीता राजौरा ने बताया कि बाघिन का व्यवहार पहले की तुलना में काफी बदला है। अब वह पहले की तरह ज्यादा आक्रमक नहीं है, उसका स्वभाव काफी शांत हुआ है। इसके बाद ही उसे बड़े बाड़े में रखने का निर्णय लिया गया है। अगले महीने बाघिन को नए बाड़े में शिफ्ट करेंगे। अभी बाड़े में काम चल रहा है। बड़े बाड़े में छोड़ने पर उसे खुले जंगल का अहसास होगा।