-51 साल पुराने एक मात्र पुल की मरम्मत की विभाग को चिंता नहीं

फोटोः16आरएसएन 05 : गैरतगंज। क्षतिग्रस्त हो रहा बीना नदी पर बना पुल।

गैरतगंज। नवदुनिया न्यूज

नगर के मध्य में बीना नदी में बने एक मात्र पुल की हालत खस्ताहाल हो गई है। इसके चलते वह कभी भी धाराशाई हो सकता है। बीना नदी के इस पुल के निचले एवं ऊपरी हिस्सों में दरारें पड़ने के साथ ही रैंलिग टूट फू टकर बेकार हो गई है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। रोजाना तकरीबन 3 हजार वाहनों की आवाजाही की मार झेलने वाला यह पुल 51 साल पुराना है। संबंधित विभाग को इसके सुधार की कोई फिक्र नहीं है, जबकि पूर्व में नजदीकी ग्राम बीनापुर में पुल टूटने की बड़ी दुर्घटना घटित हो चुकी है।

सागर-भोपाल मुख्य सड़क मार्ग पर शहर को आपस में जोड़ने वाला बीना नदी का पुल 5 दशक पुराना है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सन् 1968 में इस पुल का निर्माण कि या गया था, तब से लेकर आज तक पुल की कि सी प्रकार की मरम्मत या सुधार नहीं कि या गया है। वर्तमान में लगभग 4 वर्ष से अधिक समय से पुल सभी ओर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। पुल के ऊपर एवं नीचे क्षतिग्रस्त अवस्था स्पष्ट दिखाई दे रही है। जिससे कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है। पुल के अधिकांष हिस्सों में दरारे पड़ गईं है। वहीं रैंलिग भी टूट फू टकर नाममात्र की बची है। रोजाना तकरीबन 3 हजार तक छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही यहां से होती है। तकनीकी जानकार बताते हैं कि एक पुल की पुख्ता उम्र 40 साल होती है तथा उसके बाद नए सिरे से उसकी जांच कर मरम्मत कार्य होना चाहिए अथवा नए पुल का निर्माण कि या जाना चाहिए। बीना पुल के एक तरफ टेकापार कालोनी तथा दूसरी तरह बस स्टैण्ड क्षेत्र है तथा पुल नगर के बीचों-बीच स्थित है। 1968 से पूर्व बीना नदी पर छोटा पुल आवागमन के रुप में प्रयुक्त होता था, जिसे अंग्रेजी शासन के समय सन् 1932 में बीना नदी पर बनाया गया था। बीना नदी के इस पुल की हालत वर्तमान में इतनी खराब हो गई है कि यदि जल्द नहीं चेते तो कोई भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। विगत कु छ वर्ष पहले प्रशासन तथा विभाग की लापरवाही के चलते मुख्यालय से कु छ ही दूरी पर स्थित मुख्य भोपाल सागर सड़क मार्ग पर स्थित ग्राम बीनापुर में कहूला पुल क्षतिग्रस्त अवस्था के चलते धाराशाई हो गया था तथा एक वजनी ट्राला पुल को तोड़ता हुआ नदी में गिर गया था, जिसमें कई जाने चली गई थी तथा घटना की गूंज पूरे मप्र में सुनाई दी थी। घटना की त्रासदी आज भी लोग भोग रहे हैं। इस घटना के बाद हालांकि प्रदेश सरकार ने पुराने पुल पुलियों को दुरुस्त कराने का जंगी ऐलान कि या था। परन्तु हुआ कु छ नहीं। अब लगता है कि सरकार एवं संबंधित विभाग ने इस घटना से भी कोई सबक नहीं लिया है तथा गैरतगंज के बीना नदी पुल की लगातार अनदेखी की जा रही है।