- नरेला को छोड़कर जिले की सीटों पर माथापच्ची की नौबत

- नाखुश नेता के साथ सर्मथकों को साधने में जुटे प्रत्याशी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी में चुनावी घमासान के साथ रूठों को मनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। सातों सीटों पर दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों की पहली प्राथमिकता नाराज चल रहे नेताओं व पदाधिकारियों को मनाना है। इसके बाद प्रचार पर जोर दिया जा रहा है। तमाम उम्मीदवार नाखुश कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं की सूची भी तैयार कर रहे हैं। सुबह से रात तक प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं। बैठकों में दूरी बना चुके कार्यकर्ताओं से मुकालातों का दौर देर रात तक चल रहा है, ताकि विरोध के साथ-साथ भितरघात के खतरे को खत्म किया जा सके। इसका जिम्मा भी उम्मीदावारों ने अपने विश्वासपात्रों को सौंपा है।

जिले की सातों विधानसभा में सिर्फ नरेला ही एक मात्र ऐसी सीट हैं जहां भाजपा प्रत्याशी विश्वास सारंग और कांग्रेस के महेंद्र सिंह चौहान का अंदरूनी विरोध नहीं है। दोनों ही पार्टी के नेता कार्यकर्ता चुनावी प्रचार में लगे हुए हैं। इसके अलावा उत्तर सीट से कांग्रेसी उम्मीदवार आरिफ अकील व दक्षिण-पश्चिम से भाजपा प्रत्याशी उमाशंकर गुप्ता को लेकर भी ऊपर से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, नेताओं, पदाधिकारियों में विरोधाभास दिखाई नहीं दे रहा है। हुजूर सीट से भाजपा उम्मीदवार रामेश्वर शर्मा सबसे ज्यादा विरोधियों से जूझ रहे हैं।

कहां कौन चल रहा नाराज

बैरसिया सीट

भाजपा - विष्णु खत्री पर विश्वास जताया तो ब्रम्हानंद रतनाकर टिकट न मिलने से भारी नाराज हैं। उन्होंने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। संगठन के वरिष्ठ नेता इन्हें मनाने में लगे हैं। साथ ही किशन सूर्यवंशी और भुजवल अहिरवार की भी नाराजगी दूर करने का प्रयास जारी है।

कांग्रेस- जयश्री हरिकरण को टिकट मिलने से रामभाई मेहर और महेश रत्नाकर के समर्थक बिफरे हैं। इन दोनों को साधने के लिए स्थानीय नेता लगे हुए है।

गोविंदपुरा सीट

भाजपा- कृष्णा गौर के शक्ति प्रदर्शन और कांग्रेसी नेताओं के संपर्क में आते ही उन्हें टिकट दिया। ऐसे में तपन भौमिक, मनोरंजन मिश्रा और आलोक शर्मा में मनमुटाव की स्थिति है। इन्हें लेकर पार्टी कार्यालय के बंद कमरे में बैठकें हो रही हैं।

कांग्रेस-गिरीश शर्मा को टिकट मिलने के बाद बीते 2 साल से क्षेत्र में सक्रिय रामबाबू शर्मा ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। कैलाश मिश्रा और गिरीश दोनों ही रामबाबू के संपर्क में हैं।

हुजूर सीट

भाजपा-रामेश्वर शर्मा को टिकट देने के बाद भारी भितरघात की संभानवाएं इस सीट पर है। यहां जितेंद्र डागा व श्याम सिंह मीणा ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। संगठन की नसीहतों का असर नहीं दिखाई दिया। उधर, वीडी शर्मा को मना लिया गया है तो भगवानदास सबनानी की नाराजगी दूर करने के लिए नेता लगे हैं।

कांग्रेस-नरेश ज्ञानचंदानी को टिकट मिलने से मखमल सिंह मीणा, अवनीश भार्गव, मांडवी चौहान के समर्थकों में रोष है।

मध्य सीट

भाजपा-सुरेंद्रनाथ सिंह पर पार्टी ने विश्वास जताया तो ध्रुवनारायण सिंह ने विरोध किया। इन्हें साधने के लिए पार्टी स्तर पर कवायदें चल रही हैं।

कांग्रेस-अरिफ मसूद का भी भारी विरोध है। साजिद अली खफा बताए जा रहे हैं। साथ ही विभा पटेल व नासिर इस्लाम के समर्थकों को मनाया जा रहा है।

उत्तर सीट

भाजपा-फातिमा रसूल सिद्दकी को लेकर पंकज चौकसे, मनोज राठौर, महेश मकवाना, रमेश शर्मा के समर्थकों में नाराजगी है। सिद्दीकी इनके संपर्क में हैं।

कांग्रेस- कोई विरोध नहीं

दक्षिण-पश्चिम सीट

भाजपा- कोई विरोध नहीं

कांग्रेस- पीसी शर्मा को टिकट मिलने के बाद संजीव सक्सेना बिफर गए थे। उन्हें मना लिया गया। उधर, नाराजगी दूर करने के लिए संतोष कंसाना की शर्मा से मुलाकात भी हो चुकी है।