उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में स्थित कल्चुरीकालीन महिषासुर मर्दनी मां दुर्गा को मां बिरासिनी देवी के नाम से पूजा जाता है। विशाल संगमरमर के भव्य मंदिर का निर्माण कोयला खदान के श्रमवीरों ने अपने खून पसीने की कमाई को दान में देकर करवाया है। मैकल पर्वत की श्रृंखला की तलहटी में अमरकंटक से उद्गमित जोहिला नदी के दाहिने तट पर यह मंदिर है। बिरसिंहपुर पाली कटनी- बिलासपुर रेलवे मार्ग में स्थित है। इस मंदिर में साल में दो बार मेला लगता है।

आस्था - बताया जाता है कि सैकड़ो साल पहले गोंड आदिवासी पंडा (पंडित) धौकल के पूर्वज रंगीले छबीले को जुताई करते हुए मां बिरासिनी की प्रतिमा मिली थी। उन्होंने इसे महुए के एक पेड़ के नीचे रख दिया था। कुछ सालों बाद नौरोजाबाद के ग्राम मसूरपानी निवासी हीरालाल गुप्ता ने इस मूर्ति के लिए एक मंदिर बनवा दिया। आधुनिक मंदिर में मूर्ति पूर्ववत ही रखी गई है। मां बिरासिनी देवी की ख्याति पूरे देश में है। यहां हर साल राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों का आना होता है।