रबी सीजन की पहली बंपर आवक से शहर जाम, बंद करना पड़े गेट

शहरवासी और किसान बोले- नई मंडी में होनी चाहिए नीलामी, व्यापारी बोले-विचार करेंगे

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विदिशा। मंडी गेट के बाहर लगी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतार।

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विदिशा। नीलामी के लिए आई ट्रैक्टर-ट्रालियों से खचाखच भरा मंडी प्रांगण।

विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

कृषि उपज मंडी में रबी सीजन की पहली बंपर आवक के चलते बुधवार को दो बार दोनों गेट बंद करना पड़े। हालात यह थे कि बरईपुरा चौराहा, खरीफाटक मार्ग और शिक्षक कालोनी की गलियों में भी ट्रैक्टर-ट्राली खड़े थे। जिससे वहां के रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रहवासियों का कहना था कि जब करोड़ों रूपए की लागत लगाकर नई मंडी का निर्माण हो चुका है, तो उपज की नीलामी नई मंडी में क्यों नहीं कराई जा रही है। इधर मंडी सचिव कमल बगवैया का कहना है कि जल्द ही बैठक बुलाकर नई मंडी में नीलामी शुरू कराई जाएगी।

मालूम हो कि बुधवार को मंडी में बंपर आवक रही। 20 हजार बोरों से ज्यादा की आवक होने के कारण जहां मंडी का प्रांगण भरा रहा। वहीं दोनों गेटों पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन लगी रही। मंडी सूत्र बताते हैं कि बंपर आवक के कारण मंगलवार की रात में ही गेट बंद कर दिए गए थे। बुधवार की दोपहर में नीलामी होने के बाद बाहर खड़ी ट्रालियों को मंडी परिसर में प्रवेश दिया गया। इसके बाद फिर से गेट बंद करना पड़े। गेट के बाहर इंतजार कर रहे किसानों का कहना था कि नई मंडी में ही नीलामी कराई जानी चाहिए। जिससे उन्हें दो-दो दिन तक नीलामी कराने नहीं भटकना पड़े। किसान रणवीरसिंह का कहना था कि नई मंडी में बड़ा प्रांगण होने से एक साथ ज्यादा जिंसों की नीलामी हो सकती है। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द नई मंडी में नीलामी शुरू कराने की पहल करे।

बंपर आवक से विद्यार्थी हुए परेशान

कृषि उपज मंडी के पास स्थित बरईपुरा हासे स्कूल में बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी परेशान हुए। मंडी गेट बंद होने के कारण स्कूल गेट के सामने से ही ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतार लगी थी। जिसके चलते कई छात्रों को ट्रैक्टर पर चढ़कर दूसरी तरफ निकलना पड़ा। हालांकि यहां बाद में पुलिस के जवान पहुंचे जिन्होंने ट्रैक्टर-ट्रालियों को व्यवस्थित तरीके से लगवाया।

करीब दो माह तक होती है परेशानी

रबी और खरीफ फसल के सीजन के दौरान शहर में जगह-जगह जाम के नजारे दिखाई देते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मंडी से लगे हुए वार्ड और मोहल्लों की होती हैं। शिक्षक कालोनी, मोहनगिरि, बरईपुरा आदि क्षेत्रों के रहवासियों का कहना है कि जैसे ही मंडी में आवक शुरू होती है तो लोग घरों में कैद हो जाते हैं। यहां तक कि वह लोग वाहन तक नहीं निकाल पाते। यदि कोई बीमार हो जाए तो सड़कों पर लगे जाम के कारण उसे अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।

बैठक में करेंगे विचार

अनाज तिलहन संघ के अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी का कहना है कि नई मंडी में नीलामी शुरू कराने से पहले प्रशासनिक अफसरों के साथ 17 मार्च को बैठक रखी गई है। बैठक में कुछ शर्तो के साथ निश्चित समय के लिए नई मंडी में नीलामी शुरू कराने पर विचार किया जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो नई मंडी में जल्दी ही नीलामी शुरू करा दी जाएगी। इधर मंडी सचिव कमल बगवैया का कहना है कि हमारा प्रयास रहेगा कि नई मंडी में नीलामी शुरू हो जाए जिससे शहर में लगने वाले जाम से जनता को निजात मिल सके।