राष्ट्रभाषा का दर्जा न मिलने पर हिंदी प्रेमियों का छलका दर्द

- हिंदी दिवस के मौके पर पीजी कॉलेज के श्रीकृष्ण सरल हिंदी शोध कें द्र में हुआ कार्यक्रम

गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध भाषा है। इसकी सरलता, स्पष्टता एवं माधुर्य के कारण इसका प्रचार-प्रसार सर्वाधिक है। इसमें अन्य भाषाओं के शब्दों को आत्मसात करने की प्रवृत्ति के कारण इसका शब्द भंडार भी सबसे अधिक है, जो उसके महत्व को दर्शाता है। व्यावहारिक रुप में हिन्दी को भारत की राष्ट्रभाषा स्वीकार करने में कि सी को आपत्ति नहीं होना चाहिए। यह बात हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीनारायण बुनकर ने हिंदी दिवस पर पीजी कॉलेज के श्रीकृष्ण सरल हिंदी शोध कें द्र में कार्यक्रम के दौरान कही। इससे पहले छात्रा साधना शाक्य ने सरस्वती वंदना एवं और परिता पटेलिया ने कविता पाठ कि या। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. एएस वर्मा ने कहा कि छात्रों को गुरु के प्रति श्रृद्धा रखते हुए उनसे हिन्दी की शिक्षा प्राप्त करना चाहिए। वहीं प्राध्यापक डॉ. कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि भारत में लगभग 80 प्रतिशत लोगों द्वारा हिंदी बोलने के बाद भी संविधान में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है। प्राध्यापक सुमित कश्यप ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है। छात्रों को प्रतिदिन हिन्दी के ग्रंथों का स्वाध्याय कर अपने ज्ञान में वृद्धि करना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अर्चना श्रोत्रिय ने छात्रों का आह्वान कि या कि वे हिन्दी को हिन्दी की तरह बोलें, उच्चारण की शुद्धता का ध्यान रखें। उन्होंने कॉन्वेंट संस्कृति से मुक्त होकर स्वतंत्र रुप से हिन्दी के प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में अतिथि विद्वान डॉ. रिंकू कंसाना, डॉ. अमृता पवैया, रुचि गुप्ता सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लालसिंह कि रार ने कि या एवं आभार डॉ. कल्पना श्रीवास्तव ने माना।

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हिंदी दिवस पर स्मृति वन में रोपे पौधे

इधर, हिंदी दिवस के मौके पर आरएन कान्वेंट स्कू ल के छात्रों ने सिंगवासा स्थित स्मृति वन में पौधरोपण कि या। इस दौरान लगभग 200 छात्रों ने अलग-अलग प्रजाति के पौधे रोपे। साथ ही कचरे से खाद बनाने की वर्मी कम्पोस्ट युनिट को भी जाना। वहीं बीज बैंक व वृक्षमित्र योजना को समझा। साथ ही सभी ने पर्यावरण की रक्षा का वचन भी लिया।

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1409जीएन-07, गुना। पीजी कॉलेज के शोध कें द्र में हिंदी पर अपनी बात रखते विभागाध्यक्ष।

1409जीएन-13, गुना। सिंगवासा स्थित स्मृति वन में हिंदी दिवस पर पौधरोपण करते स्कू ल छात्र।