ग्वालियर। अशोकनगर के मुंगावली से शुरू हुए कथित लव-जेहाद के मामले में आखिरकार प्यार की जीत हुई। यहां ग्वालियर स्थित नारी निकेतन में रह रही समीक्षा जैन को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नारी निकेतन से तत्काल रिहा कर देने के आदेश दिए।

कोर्ट में समीक्षा से पूछा गया कि वह कहां जाना चाहती है तो हाईकोर्ट ने लिखित में इच्छा जानी। समीक्षा ने अपने पति आदिल के पास जाने की इच्छा जताई तो कोर्ट ने अनुमति दे दी। 193 दिन से आदिल के पास जाने के इंतजार में बैठी समीक्षा अब ससुराल में है।

ज्ञात रहे कि यहां कामकाजी महिला आवास गृह में समीक्षा जैन ने रिहा कर देने की जिद में कुछ समय पहले ही फिनायल पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। समीक्षा को केआरएच में भर्ती कराया गया जहां से वह वापस गृह में जाने को तैयार नहीं हुई। जैसे तैसे समीक्षा यहां जेएएच कैंपस स्थित वन स्टॉप सेंटर जाने को तैयार हुई। 18 मई को अशोक नगर जिला कोर्ट के आदेश पर समीक्षा को यहां ग्वालियर भेज दिया गया था।

193 दिन: प्यार,शादी,मुकदमा,कोर्ट और रिहाई

मई 2018 में अशोकनगर जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर मुंगावली कस्बे के जैन परिवार की बेटी समीक्षा और वहीं रहने वाले मोहम्मद आदिल के लापता होने का मामला सामने आया। समीक्षा के परिवार ने पुलिस थाने में आदिल के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। इस मामले में आरोपित युवक पर इनाम भी घोषित किया गया था।

इसके बाद पुलिस ने युवती को हैदराबाद से बरामद कर आरोपी युवक आदिल को गिरफ्तार जेल भेजा और बाद में उसे जमानत भी मिल गई। समीक्षा को अशोकनगर जिला कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए किसी भी पक्ष को समीक्षा की कस्टडी नहीं दी। कोर्ट के आदेश पर ग्वालियर स्थित नारी निकेतन में समीक्षा को भेजा गया।

इसी बीच समीक्षा के परिजन ने प्रेस कांफ्रेस कर बताया था कि मोहम्मद आदिल निवासी मुंगावली युवती समीक्षा जैन को अपने साथ ले गया और हैदराबाद में वक्फ बोर्ड में गलत तरीके से युवती का धर्म परिवर्तन कराया। युवती के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि मुस्लिम समाज द्वारा लव जेहाद चलाया जा रहा है,उसका युवती को शिकार बनाया गया। इस सबके बाद समीक्षा अपनी जिद पर अड़ी थी और विधिक सेवा के जरिए उसने हाईकोर्ट में अपील की। इस अपील की सुनवाई के बाद कोर्ट ने समीक्षा को बालिग होने पर रिहा करने के आदेश दिए।

अशोकनगर पुलिस रखेगी निगरानी,साथ घर भी छुड़वाया

हाईकोर्ट जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने जारी आदेश में कहा है कि समीक्षा को अशोकनगर एसपी,नारी निकेतन अधीक्षक को लिखित में यह बताना भी होगा कि वह निकेतन से निकलकर कहां रहना चाहती है। अशोकनगर एसपी यह भी निगरानी हर 15 दिन में कराएं कि इस मामले में कोई कानून का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है। ऐसा है तो कार्रवाई की जाए।

मोहम्मद-समीक्षा को न्याय मिला

दोनों एकदूसरे से प्रेम करते हैं और शादी की। विभिन्न् भ्रांतियों के चलते इस मामले को गलत मोड़ दिया गया। हाईकोर्ट ने समीक्षा को रिहा करने के आदेश दिए और उसकी मर्जी जानने के बाद पति के पास जाने दिया। दोनों को आखिरकार न्याय मिला।

आरिफ मोहम्मद,आदिल के भाई

न्यायालय के आदेश पर भेजा

समीक्षा जैन को न्यायालय के आदेश पर नारी निकेतन से रिहा कर दिया गया। अशोकनगर पुलिस उसे लेने के लिए आई थी। अब वह अपने पति के पास रह रही है।

शालीन शर्मा,जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी