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    तुमने तो आर्डर करके पल्ला झाड़ लिया अब तुम्हे क्या, बच्चे भले ही प्यासे मरते रहें

    Published: Sat, 13 Jan 2018 09:19 AM (IST) | Updated: Sat, 13 Jan 2018 09:19 AM (IST)
    By: Editorial Team

    ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    आरओ का आर्डर किए पांच माह हो गए हैं, कंपनी सप्लाई नहीं कर रही तो तुमने क्या किया। मैं आ गया तो बता दिया, इतनी बुद्धि नहीं चलती तुम्हारी कि यदि कांट्रेक्ट लिस्ट में नहीं है तो आर्डर कैंसल करो। यदि रिजर्व आइटम में है तो बताओ एलयूएनएम अभी एनओसी देने को तैयार है। हमारा उद्देश्य प्रोब्लम को सॉल्व करने का रास्ता निकालने का होना चाहिए। ये क्या बात हुई कि बच्चे भले ही प्यास से मरें हमें क्या, हमने तो आर्डर कर दिया है।

    यह बात गजराराजा मेडिकल कॉलेज की स्वशासी समिति के अध्यक्ष एवं संभागायुक्त बीएम शर्मा ने सीनियर ब्वायज हॉस्टल में मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कही। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को पानी से मतलब है, तुम्हारे आर्डर से नहीं। लेकिन तुम्हे क्या तुम तो आर्डर करके पल्ला झाड़ चुके, अब बच्चे भले ही प्याऊ से पानी पीते रहें। उन्होंने जूडा अध्यक्ष डॉ उदित बौहरे से भी समस्याओं की जानकारी ली। जूडा अध्यक्ष ने सफाई की समस्या बताई तो उन्होंने कहा कि हमने 75 सफाई कर्मचारी बढ़ा दिए हैं, जो केवल हॉस्टल में सफाई का काम देखेंगे और आप सोमवार को मुझे फोन करके बताना कि ये सही काम कर रहे हैं या नहीं। बच्चों को पानी की दिक्कत नहीं आना चाहिए, आरओ कोई लाखों की चीज नहीं है, हजारों का मामला है तुरंत खरीदने की व्यवस्था करो। छात्रों ने जब गीजर की समस्या बताई तो उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम क्यों नहीं लगाया जा सकता। इस पर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी ने कहा कि सर्वे करके प्रपोजल शासन को भेजा जा चुका है। इस पर कमिश्नर ने कहा कि ऐसे कई प्रपोजल पहुंचते हैं लेकिन स्वीकृत तो पांच ही होते हैं। आप तत्काल बच्चों के लिए गीजर खरीदने की व्यवस्था करें।

    अभी बच्चे छोटे हैं, बड़े होकर वो भी हॉस्टल में रहेंगेः

    संभागायुक्त ने जब किसी एक छात्र का कक्ष देखने की मंशा जाहिर की तो जेएएच अधीक्षक डॉ जेएस सिकरवार उन्हें एक कक्ष के बाहर लेकर पहुंचे। बहुत दरवाजा ठोकने पर नहीं खुला तो दूसरे कक्ष में पहुंचे। यहां पर गलत तरीके से ट्यूबलाइट लगी देख संभागायुक्त ने वार्डन डॉ सुरेन्द्र यादव से नाराजगी जाहिर की। संभागायुक्त ने वार्डन डॉ यादव से कहा कि आपके बच्चे अभी छोटे हैं, बड़े होकर वह भी पढ़ने जाएंगे और हॉस्टल में रहेंगे। इसलिए इनके गार्जियन बनकर ध्यान रखो, वार्डन बनकर काम मत करो।

    आपने कहा था फिर भी बिजली बोर्ड नहीं लगेः

    संभागायुक्त ने हॉस्टल में जगह-जगह बिजली के बोर्ड उखड़े होने पर भी नाराजगी जाहिर की। इस पर ईएण्डएम के इंजीनियरों ने जब कहा कि जो काम बताया जाता है, वह कर दिया जाता है। इस पर सहायक अधीक्षक ने कहा कि कमिश्नर साहब अस्पताल में उखड़े बोर्ड सही करने के लिए कहकर गए थे, वह तो अब तक नहीं हुए हैं। कमिश्नर ने कहा कि ये सब मेन्टेनेंस का काम है, मुझे ये उखड़े बोर्ड और झूलते तार नहीं दिखाई देना चाहिए।

    तुम्हारी बेटी हॉस्टल में परेशान होती तो क्या अच्छा लगताः

    जूनियर गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं ने आरओ खराब होने की समस्या बताई। साथ ही कमरा नंबर 36 में रहने वाली छात्रा के कमरे में पहुंचे तो उसने छत से पानी टपकने की शिकायत दर्ज कराई है। इस पर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को बुलाकर कमिश्नर ने कहा कि यदि तुम्हारी बेटी किसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही होती और उसको इस प्रकार की समस्या झेलना पड़ती तो क्या तुम्हे अच्छा लगता। कमिश्नर ने समस्याओं का तुरंत निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

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