ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि । लक्ष्मीबाई कॉलोनी में रविवार की रात 68 साल की वृद्धा विनीता उपाध्याय के घर डकैती डालने वाले बदमाशों का पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है। आधा दर्जन संदेहियों से पूछताछ कर बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस अंधेरे में तीर जरूर चला रही है। वहीं वृद्धा के घर के सामने लगे सीसीटीवी के फुटेज भी अब तक पुलिस को नहीं मिल पाएं हैं।

दूसरी तरफ डकैती की घटना से वृद्धा विनीता उपाध्याय खौफजदा हैं। घटना के बाद पहली रात उन्होंने भतीजे के गुजरी। इस दौरान दिनभर उनके मकान पर ताला लगा रहा। घटना की सूचना मिलते ही वृद्घा का बेटा अमित भोपाल से आ गया। अमित का कहना है कि अब शहर में वृद्ध सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए वे अपनी मां को अकेला नहीं छोड़ेंगे, उन्हें अपने साथ ले जाएंगे।

चार साल पूर्व पति के देहांत के बाद से 68 साल की वृद्धा विनीता उपाध्याय माहेश्वरी नर्सिंग होम के पास नाले किनारे बने बंगला नंबर 80 में निवास कर रही हैं। उन्हें अकेला रहने में डर कभी नहीं लगा। क्योंकि नर्सिंग होम व कोचिंगों के कारण 24 घंटे कॉलोनी में चहल-पहल रहती है। लेकिन रविवार की रात को घर में पड़ी डकैती के बाद वृद्धा काफी खौफजदा हैं। सोमवार की रात को वे घर में अकेली रहने का साहस नहीं जुटा पाईं इसलिए रात भतीजे के यहां गुजारी।

उलझन में पुलिस -

पड़ाव थाने के टीआई संतोष सिंह ने बताया कि लुटेरों तक पहुंचने के लिए घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है। नाले किनारे बसी बस्ती में पूछताछ की गई है। साथ ही कुछ संदेहियों को भी थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर गौर करें तो पुलिस के लिए चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाश घर की भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह वाकिफ थे। साथ ही बदमाशों ने वृद्धा के सामने अपना चेहरा खुला रखा।

इससे साफ है कि वे बेफिक्र थे कि वृद्धा उन्हें पहचानती नहीं है। दूसरा अगर पेशेवर लुटेरे होते तो वृद्धा के साथ इतनी हमदर्दी दिखाने के साथ घर से जाते समय सम्मान प्रकट करने के लिए पैर नहीं छूते। बदमाशों ने लूटपाट करते समय इतना ध्यान रखा कि वृद्धा की घबराहट में हालात नहीं बिगड़ जाए। इसलिए वे बार-बार पानी की पूछते रहे और फ्रीज से फ्रूटी भी निकालकर दी। लुटेरों के इस आचरण ने पुलिस के सामने कई सवार खड़े कर दिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले -

वृद्धा के बंगले के ठीक सामने लक्ष्मण प्रसाद सविता का परिवार रहता है। उनके गार्डन के सामने दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिनका एंगल नर्सिंग होम की तरफ है। एक कैमरा नर्सिंग होम में भी लगा है। इन कैमरों के सीसीटीवी फुटेज मंगलवार की शाम तक पुलिस को नहीं मिल पाए, क्योंकि जिस कमरे में कैमरे का डीवीआर लगा है। उसमें उनके दामाद व बेटी रहते हैं, जो कि अभी भोपाल गए हैं। हालांकि घटना स्थल से साफ नजर आ रहा है कि लुटेरे इन कैमरों से बचने के लिए नाले की तरफ से आए हैं और उसी रास्ते से भागे हैं।

नाले किनारे से आए बदमाश -

रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा के पास से एक छोटा रास्ता अंदर जाता है। जो कि गंगादास की शाला के पीछे से सीधा वृद्धा के घर के गार्डन के पीछे पहुंचता है। आशंका है कि इसी रास्ते से बदमाश गार्डन तक आए हैं। नाले किनारे के मार्ग में कोई कैमरा नहीं लगा है। लेकिन इस रास्ते में तीन-चार परिवार रहते हैं। जो कि इस गली का उपयोग भी करते हैं। अब सवाल उठता है कि रात में उन लोगों ने बदमाशों के आने-जाने की कोई आहट सुनी, इस सवाल पर ये लोग खामौश हैं।

वृद्धों का दर्द- सुरक्षा के करें इंतजाम -

सूबेदार पद से रिटायर लक्कड़खाना निवासी शिवकुमारी ने बताया कि सोमवार की सुबह खबर पढ़कर शहर में अकेले रहने वाले वृद्धों की सुरक्षा की चिंता उन्हें सताने लगी है। उनका कहना है कि वृद्धों की सुरक्षा के लिए वार्डों में सर्वे कराकर उन्हें चिन्हित कर उनके नाम-पते नोट किए जाएं। वार्डों में सीनियर सिटीजन मित्र का गठन किया जाए। जो समय-समय पर उनका हाल-चाल पूछ सके। इससे घर में अकेले रहने वाले वृद्धों में सुरक्षा की भावना पैदा होगी।

आयकर विभाग से रिटायर्ड वृद्ध गोपाल सिंह कुशवाह ने बताया कि शहर में अकेले रहने वाले वृद्धों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पुलिस अधिकारी केवल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अकेले रहने वाले वृद्धों को सूचीबद्ध कर उनके सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। पूर्व में पुलिस ने बीट में रजिस्टर भी रखे थे लेकिन अब यह व्यवस्था बंद हो गई है।

वारदात से बचनें ये करें सीनियर सिटीजन -

- सबसे पहले भरोसेमंद पड़ोसी के घर में अलार्म लगाएं, जिसका स्विच अपने पलंग के पास रखें। खतरे का आभास होते ही स्विच दबा दें। जिससे पड़ोसी के घर अलार्म बजते ही वे अलर्ट हो जाएंगें और आपकी दद के लिए आ सकेंगे।

- घर के बाहर पुलिस का अलार्म लगाएं जिसका स्विच अपनी पहुंच में रखें। खतरे का आभास होते ही स्विच दबा दें। अलार्म बजते ही पुलिस का आने का भ्रम होते ही बदमाश भाग जाएंगे। ये सिस्टम वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्था के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने लगा रखा है। उनका कहना है कि ये व्यवस्था सुरक्षा की दृष्टि से काफी उपयोगी है।

सीनियर सिटीजन की मदद के लिए भोपाल का हेल्पलाइन 1253- रियल्टी चेक करने पर बताया सेवा में नहीं है-

ग्वालियर पुलिस की वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबरों की सूची में सबसे पहले सीनियर सिटीजन का हेल्पलाइन नंबर - 1253 जारी कर रखा है। इस नंबर की रियलटी चेक करने पर पता चला कि भोपाल से संचालित ये नंबर अब सेवा में ही नहीं है। इसके अलावा पुलिस का कहना है कि सीनियर सिटीजन की मदद के लिए हेल्प लाइन 'आलंबन' का नंबर 9479993024 जारी कर रखा है। इस नंबर का पुलिस की वेबसाइट पर कोई उल्लेख नहीं है।