ग्वालियर। 4 दिन पहले लापता दसवीं के छात्र सत्यम (15) का शव गुरुवार को जौरा के बुरावली गांव के पास नहर में तैरता मिला है। छात्र की हत्या उसके ही मौसेरे भाई ने अपने भानजे के साथ मिलकर की है। मौसेरे भाई सहित दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आरोपी ने सबलगढ़ के बदरेहटा गांव की पुलिया से मुरैना ब्रांच कैनाल में छात्र को धक्का देने की बात कबूली है, जबकि छात्र का शव घटना स्थल से 30 किलोमीटर दूर जौरा के बुरावली गांव के पास नहर में तैरता मिला है।

पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया है। मौसेरा भाई उस समय छात्र के घर जाता था, जब उसकी मां अकेली होती थी, यह छात्र को पसंद नहीं था, इस कारण उसकी हत्या की गई। पहले भी छात्र की गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया गया था। विजयपुर मेवरा गांव निवासी जयपाल सिंह जादौन इंदौर के एक होटल में मैनेजर हैं। वह अक्सर इंदौर रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी (35), बेटे सत्यम (15) व शुभम (13) पढ़ाई के सिलसिले में ग्वालियर में रहते हैं।

पहले यह आदित्यपुरम में रहते थे। पर डेढ़ माह पूर्व गोला का मंदिर की गोवर्धन कॉलोनी में किराए से रहने आए। 5 जनवरी की सुबह 10वीं का छात्र सत्यम कोचिंग के लिए निकला। वह आदित्यपुरम के पास कोचिंग जाता था। पर इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजन ने अपने स्तर पर तलाश करने के बाद गोला का मंदिर थाने में सूचना दी। साथ ही 2 नाबालिग सहित 3 लड़कों पर अपहरण का संदेह जताया। अपहरण का मामला दर्ज कर जब पुलिस ने संदेहियों से पूछताछ की तो उनका मामले से कोई संबंध सामने नहीं आया।

विवेक कई मामलों में है आरोपी

आरोपी विवेक उर्फ राहुल का जब पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाला तो कई मामले उसके ऊपर निकले। कुछ समय पहले वह कार में एक लड़की के साथ मुरैना में पकड़ा गया था। उस समय उसने वहां एक नव पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर से अभ्रदता की थी। जिसका मामला भी दर्ज था। इसके अलावा हजीरा में भी उस पर एक दुष्कर्म का मामला दर्ज है।

अभी पुलिस छात्र की तलाश कर ही रही थी कि तभी गुरुवार सुबह मुरैना के जौरा स्थित बुरावली गांव के पास नहर में एक नाबालिग का शव तैरता मिलने की सूचना मिली। जौरा पुलिस वहां पहुंची और शव को निगरनी में लेकर ग्वालियर पुलिस को डिटेल भेजी। शव की शिनाख्त लापता सत्यम जादौन के रूप में हुई है।

मौसेरे भाई पर पुलिस को शुरू से ही था संदेह

पहले ही दिन से कहानी बताई गई थी छात्र को उसके मौसेरे भाई विवेक उर्फ राहुल राजावत ने अपनी कार से कोचिंग से कुछ पहले एक पेट्रोल पंप तक छोड़ा था। जब पुलिस ने उस दिन के पेट्रोल पंप व आसपास के फुटेज चेक किए तो छात्र को वह कार से छोड़ते हुए कहीं दिखाई नहीं दिया। तभी से मौसेरे भाई पर पुलिस ने निगरानी रखना शुरू की। छात्र का शव मिलते ही पुलिस ने विवेक और उसके साथी सुमित सिंह को गिरफ्तार किया।

जब उससे पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने कबूल किया कि उसका दूर की रिश्ते में अपनी मौसी के घर आना जाना था पर उसके मौसा को ये पसंद नहीं था। कुछ समय से छात्र ने भी टोकना शुरू कर दिया था। उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने भानजे सुमित के साथ प्लानिंग की। उस दिन उसे रास्ते से कोचिंग छोड़ने के लिए बैठाया और पिकनिक मनाने की कहकर सबलगढ़ ले गया और कुछ घंटों के लिए बुआ के घर ले गया। यहां उसे लौटे से पानी भरने के लिए कहा। जैसे ही वह झुका उसे नीचे धक्का दे दिया।