ग्वालियर। 19 महीने पहले एसपी ऑफिस से 50 कदम की दूरी पर हरियाणा की बीएल कंस्ट्रेक्शन कंपनी के मुनीम से 10 लाख की लूट का क्लू लगाने के लिये पुलिस बिहार, पश्चिम बंगाल से लेकर यूपी के मथुरा के शहर तक घूम आई। लेकिन कोई सुराग नही लगा। 3 दिन पहले लुटेरों नशे की हालत में परिचित के सामने 10 लाख का लूट का राज उगल दिया। लुटेरों के मुंह से निकले शब्द एसपी नवनीत भसीन के कानों तक पहुंच गये।

क्राइम ब्रांच ने लूट की वारदात के बाद मिले फुटेज से चेहरा मिला कर वीरू राणा व राहुल इंदौलिया को दबोच लिया। दोनों आरोपियों ने 10 लाख की लूट के साथ काले रंग की पल्सर से मुरार, थाटीपुर व महाराजपुरा थाना क्षेत्र सात चेन लूट की वारदात करना कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लूट के 10 लाख रुपये से सिद्धेश्वर नगर मकान खरीद लिया। पुलिस अब इस मकान को कुर्क करने की कार्रवाई कर रही है।

ऐसे लूटा था 10 लाख का बैग

पनिहार रोड पर स्थित नयागांव स्थित सीआपीएफ केंप में हरियाणा की बीएल मेहता कंस्ट्रेक्शन कंपनी जवानों के लिये हाउस का निर्माण कर रही थी। 14 जून 2017 को कंपनी के मुनीम लखन शर्मा ड्राइवर शिवा व साथी कर्मचारी दीपक के साथ एचडीएफसी बैंक में कंपनी के खाते से 10 लाख रुपये निकालकर बैग में रख लिये। मुनीम लखन शर्मा बैंक गेट के सामने हाथ में बैग लेकर खड़े थे। तभी काले रंग की बाइक से दो बदमाश आये और झपट्टा मारकर 10 लाख रुपये का बैग लूटकर ले गये। लूट की वारदात के बाद लुटेरे गाड़ी से शहर में घूमे। उनके सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए। पुलिस को संदेह था कि मंगलवार को हुई लूट की वारदात को अन्य राज्य के बदमाशों ने अंजाम दिया है। पुलिस संदिग्ध लुटेरों की तलाश में पश्चिम बंगाल, बिहार, व यूपी के मथुरा जिले में भटक आई। लेकिन लुटेरों तक पहुंच नही पाये। अंततः पुलिस ने लूट की फाइल पर फीता बांधकर अलमारी में रख दिया।

नशे में मुंह से निकल गया लूट का राज

बदमाश कितना भी शातिर हो, कभी न कभी चूक कर जाता है। लूट की घटना के 19 महीने बाद नशे की हालत में बदमाशों से 10 लाख की लूट की बात परिचित के सामने मुंह से निकल गई। जो कि पुलिस के कानों तक पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले संदेहियों के फोटो जुटाए और उनका मिलान घटना के समय मिले सीसीटीवी फुटेज से किया। हुलिया व चेहरा मिल गया। एसपी नवनीत भसीन ने क्राइम ब्रांच के प्रभारी विनोद छाबई, संजय जादौन.भावना तिवारी, एएसआई सत्यवीर सिंह, प्रधान आरक्षक राजीव सोलंकी, आरक्षक आशीष शर्मा, आकाश तोमर, राम तोमर, धर्मेंद्र तोमर नरवीर राणा,महिला आरक्षक राखी व रिचा तोमर को लगाया।

दोनों संदेहियों ने क्राइम ब्रांच थाने पहुंचते ही उगला लूट का राज

क्राइम ब्रांच की टीम ने पुख्ता सबूत जुटाने के बाद वीरू पुत्र भूप सिंह राणा निवासी सिद्धेश्वर नदी पार टाल व राहुल पुत्र चतुर्भूज इंदौलिया निवासी शिवनगर गली नंबर थाटीपुर को पकड़कर थाने ले आई। दोनों युवकों से सख्ती के साथ पूछताछ करने पर पहले ड्रामा किया। लेकिन अंत में टूट दये। दोनों आरोपियों ने काले रंग की बाइक से मुनीम लखन से 10 लाख रुपये लूटना कबूल कर लिया। वीरू राणा ने बताया कि सिद्धेश्वर नगर में जिस मकान में वह रहा है, उसने वह लूट के रुपयों से खरीदा है। पुलिस अब इस मकान को कुर्क करने के लिये दस्तावेज जुटा रही है।

सात चेन लूटना भी कबूल किया

दोनों बदमाशों ने पुलिस के सामने मुरार थाना क्षेत्र से 3 थाटीपुर थाना क्षेत्र से 3 व महाराजपुरा थाना क्षेत्र से चेन लूट की एक वारदात करना कबूल किया। लूटी गई चेन बदमाशों ने ठिकाने लगा दी है। लगातार लूट की वारदात करने के बाद खामौश थे। और शराफत का चौला ओढ़ लिया था। लेकिन एक चूक के कारण कानून की गिरफ्त में आ गये।

वर्ष 2017 में काले रंग की पल्सर से पुलिस दहशत में थी

क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद शहर में हुई अन्य बड़ी लूट की वारदातों से पूछताछ शुरू कर दी है। 2917 में अधिकांश लूट की वारदातों को काले रंग की पल्सर से अंजाम दिया है। जिसके कारण शहर में काले रंग की पल्सर का खौफ था। पुलिस काले रंग की पल्सर को देखते ही पकड़ ली थी। दस्तावेजों को देखकर छोड़ती थी। लुटेरे पकड़े जाने के बाद पुलिस ने सुकुन की सांस ली है।

लूट की वारदात में तीसरे साथी सोनू की तलाश है। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही वह गायब हो गया। सोनू लुटेरे राहुल का बहनोई है। पुलिस ने सोनू को पकड़ने के लिये फिल्डिंग जमा दी है।