ग्वालियर (ब्यूरो)। जयारोग्य अस्पताल में कैजुअल्टी में पदस्थ मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजीडेन्ट ने शुक्रवार की शाम को नींद की गोलियां निगल ली। गंभीर हालत में जेएएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां अब हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के पीछे कारण पति-पत्नी के बीच जारी विवाद बताया जा रहा है। पत्नी अपने सास ससुर से अलग रहना चाहती थी, जबकि डॉक्टर इसके लिए तैयार नहीं था।

कैजुअल्टी में सीनियर रेजीडेन्ट डॉ. जगत पाल निवासी कुम्हरपुरा का करीब एक साल पहले विवाह हुआ है। पत्नी इटावा की रहने वाली है। जबकि डॉक्टर के पिता रेलवे में रिटायर्ड टीटीई हैं। शुक्रवार को डॉ जगत पाल सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक कैजुअल्टी में ड्यूटी करके गए थे। स्टाफ के मुताबिक वह काफी परेशान थे और किसी से बातचीत भी नहीं की। शाम करीब 5 बजे डॉक्टर ने क्लोनिजिपॉम टेबलेट .25 की 8 गोलियां खा ली। परिजनों ने जब डॉक्टर को बेसुध हालत में पड़े देखा तो तत्काल जयारोग्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टर को आईसीयू में रखा गया है। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. ओपी जाटव एवं न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उदैनिया ने चेकअप किया है। डॉक्टर की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

क्या है मामला

डॉक्टर के आत्महत्या के मामले में पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक शादी के कुछ माह बाद ही पति पत्नी में विवाद शुरू हो गया था। पत्नी अपने पति के साथ सास ससुर से अलग रहना चाहती थी। जबकि पति इसके लिए तैयार नहीं था। पत्नी ने इसको लेकर महिला थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद महिला थाने से 17 मई को फोन आया था और डॉक्टर को बयान देने के लिए बुलाया गया था। जिससे डॉक्टर जगत पाल काफी परेशान थे।

इनका कहना है

घटना की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर के बयान ले लिए गए हैं। पता चला है कि पति पत्नी के बीच विवाद के चलते यह कदम उठाया है। मामले की जांच की जा रही है - यशवंत गोयल, टीआई थाटीपुर