ग्वालियर। पास ही एक मल्टी में झाडू-पौंछा का काम कर घर लौटी एक नाबालिग ने दुपट्टे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। पर नाबालिग के पीछे उसकी 12 साल की बहन घर पहुंचीं। उसने जब बड़ी बहन को फंदे पर लटका देखा तो उसे गोद में उठाकर ऊपर की ओर उठाया। साथ ही शोर भी मचाया। जब तक आसपास के लोग मदद के लिए आए और फंदा काटकर उसे नीचे उतारा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना गुरुवार सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच रामवाटिका सचिन तेंदुलकर मार्ग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं और शव को निगरानी में लिया। पुलिस ने मृतका का मोबाइल निगरानी में लिया है। साथ ही जहां वह काम कर लौटी थी वहां भी पूछताछ की जा रही है। विश्वविद्यालय थानाक्षेत्र के सचिन तेंदुलकर मार्ग रामवाटिका के पास किराए के मकान में ऊषा पत्नी गोपीराम बाथम रहती है। ऊषा के पति की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। उसके 4 बेटी रानी (24), पूजा (22), पिंकी (17), संगीता (12) व तीन बेटे रवि (23), दिनेश (20) व भोला (9) हैं।

आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ऊषा व उसके सभी बच्चे घरों में झाडूपौंछा, खाना बनाना आदि काम करते हैं। गुरुवार सुबह 8 बजे रोज की तरह पिंकी भी अपने अन्य परिजन की तरह पास ही शान्तिश्री अपार्टमेंट में एक परिवार के घर झाडू-पौंछा के लिए निकली थी। करीब 10.30 बजे वह लौटी तो घर में कोई नहीं था। करीब 10 से 15 मिनट बाद पिंकी की छोटी बहन संगीता लौटी। उसने बहन को फांसी के फंदे पर लटके देखा।

संगीता ने बहन को गोद में उठाकर उसके गले में कसे फंदे को ढीला करने का प्रयास किया। साथ ही शोर मचाकर आसपास के लोगों को एकत्रित किया। पहले फंदा काटा और पिंकी को नीचे उतारा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नाबालिग ने दम तोड़ दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया और जांच में लिया। घटना स्थल की जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रा का मोबाइल सबसे पहले पुलिस ने निगरानी में लिया है।