ग्वालियर। मप्र विधानसभा चुनाव-2018 में दिव्यांग वोटरों पर खास फोकस है। इस बार चुनाव में पहली बार एक्सेसिबिलिटी (पहुंच)ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई है। हर विधानसभा में एक एक्सेसिबिलिटी ऑब्जर्वर होगा, जो अपनी विधानसभा के मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की एप्रोच पर फोकस रखेगा। वहीं पहली बार यहां दृष्टिहीन वोटरों के लिए ईवीएम में ब्रेल लिपि सिग्नल भी मिलेगा।

जिले में 7355 दिव्यांग वोटरों को नाम,पता और मोबाइल नंबर सहित चिन्हित कर लिया गया है, जिनके केंद्र वार नंबर भी बीएलओ को दे दिए गए हैं। वहीं ग्वालियर में इस बार दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव कराए जाएंगे, जिसमें चिन्हित सभी दिव्यांग वोटरों 1 फीसदी भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। दिव्यांग मित्र जिला बनने के बाद अब पहली बार दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव कराए जा रहे हैं।

ग्वालियर की 6 विधानसभा में इस बार दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव कराए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए ग्राउंड लेवल पर होमवर्क किया जा रहा है। इस बार आयोग ने एक्सेसिबिलिटी ऑब्जर्वर की नई व्यवस्था की है जो दूसरे ऑब्जर्वर की तरह अधिकार रखेगा।

जिले में दिव्यांग वोटरों का खाका तैयार कर लिया गया है जिसमें कैटेगरी को भी अलग अलग किया गया है कि नेत्रहीन,चलने में असमर्थ सहित श्रवणबाधित व अन्य शामिल हैं। दिव्यांग वोटरों के लिए उनके मतदान केंद्रों पर काम शुरु हो गया है। उनके लिए पहुंच कितनी आसान है और क्या परेशानी है उसे संबंधित अधिकारियों को टास्क देकर दूर किया जाएगा।

कहां कितने दिव्यांग वोटर

नगर निगम ग्वालियर- 4309

जनपद घाटीगांव- 483

जनपद डबरा- 688

जनपद भितरवार- 621

जनपद मुरार ग्रामीण- 398

नगर परिषद आंतरी- 36

नगर परिषद पिछोर- 49

नगर परिषद बिलौआ- 51

नगर परिषद भितरवार- 104

नगर परिषद डबरा- 616

दिव्यांगः किस कैटेगरी में कितने

ग्वालियर में लोकोमोटिव डिसेबिलिटिी में 4080 वोटर हैं। आई साइट डिसेबिलिटी वाले यहां 414 दिव्यांग वोटर हैं। सुनने व बोलने में असमर्थ कैटेगरी में 425 दिव्यांग वोटर हैं। नेत्रहीन वोटरों में 142 संख्या है। इन दिव्यांग वोटरों के लिए पहली प्राथमिकता पर सभी सुविधाएं जुटाने को लेकर काम शुरु हो गया है।

इसलिए यह कवायद

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में दिव्यांगों के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी में सम्मेलन आयोजित किया गया था जो प्रदेश का पहला सम्मेलन था। इसमें दिव्यांगों को उनकी जरुरत के हिसाब से उपकरण वितरित किए गए और ग्वालियर को दिव्यांग मित्र जिला घोषित किया गया था।

हर वोटर को कॉल और बीएलओ को जिम्मेदारी

दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव कराने के लिए इस बार सभी दिव्यांग वोटरों के नाम,पते मोबाइल नंबर के जरिए उनसे संपर्क किया जा रहा है। हर वोटर के मतदान केंद्र को चिन्हित किया जा रहा है जिससे वोटर के घर से मतदान केंद्र के बीच हर तरह की बाधा को दूर किया जा सके। मतदान केंद्र पर रैंप और पहुंच मार्ग को भी चेक किया जा रहा है। दिव्यांग वोटर की पूरी डिटेल संबंधित क्षेत्र के बीएलओ को दी जा रही है और जिम्मेदारी तय की गई है।

दिव्यांग वोटरों को परेशानी नहीं होगी

विधानसभा चुनाव में इस बार दिव्यांग वोटरों को कोई परेशानी नहीं होगी,इसके प्रयास ग्राउंड लेवल पर किए जा रहे हैं। यहां पहली बार एक्सेसिबिलिटी ऑब्जर्वर की नियुक्ति होगी और ग्वालियर में दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव कराए जाएंगे। नेत्रहीन वोटर के लिए ईवीएम में ब्रेल सिग्नल रहेगा।

राजीव सिंह,प्रभारी संयुक्त संचालक,सामाजिक न्याय विभाग