ग्वालियर। वसंत पंचमी पर भंडारे के लिए सब्जी लेने जा रहे गोदरेज कंपनी के कर्मचारी को पीछे से आ रहे ट्रक ने कुचल दिया। ट्रक की टक्कर से स्कूटर सवार सड़क पर गिरा। इसके बाद ट्रक का पिछला पहिया उसके सिर से गुजर गया। घटना रविवार सुबह 8 बजे गोला का मंदिर चौराहा की है। इसी प्वाइंट पर बीते डेढ़ महीने में तीसरी मौत है। जबकि एक दर्जन घायल हो चुके हैं।

घटना के बाद भाग रहे ट्रक चालक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं जाम लगाकर हंगामा किया। कुछ वाहनों के कांच भी फोड़ दिए हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर परिजन ने फिर जाम लगा दिया।

गोला का मंदिर पिंटो पार्क स्थित प्रगति विहार निवासी महेन्द्र पोद्दार (48) पुत्र राम खिलावन मालनपुर स्थित गोदरेज कंपनी में कर्मचारी है। महेन्द्र मूलतः बिहार के रहने वाले हैं और बिहार पुलिस में आरक्षक पर भर्ती हुए थे। पर कुछ कारणों के चलते यहां आकर बस गए। रविवार को उनका अवकाश था। वसंत पंचमी के अवसर पर कॉलोनी के मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया था। सुबह 7.45 बजे वह भंडारे के लिए सब्जी लेने निकले थे। अभी वह पिंटो पार्क से गोला का मंदिर के रास्ते से इंद्रप्रस्थ गार्डन के सामने आए थे। तभी भिंड रोड से आ रहे ट्रक ने पीछे से स्कूटर सवार महेन्द्र को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगने से सड़क पर गिरे स्कूटर सवार के सिर से ट्रक का पिछला पहिया गुजर गया।

घटना के बाद चालक को पीटा, जाम-पथराव

हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक को स्थानीय लोगों ने घेर लिया। उसे गाड़ी से निकालकर पुलिस चौकी के सामने लाकर मारपीट की गई। इसके बाद लोगों ने गोला का मंदिर पर आए दिन हो रहे हादसों पर पुलिस व जिला प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया। इस दौरान हंगामा कर रहे कुछ लोगों ने 4 से 5 वाहनों के कांच भी फोड़ दिए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला। करीब एक घंटे तक जाम के हालात रहे।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दोपहर 1 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन ने फिर गोला का मंदिर चौराहा पर शव रखकर जाम लगा दिया। पर पुलिस को पहले से ही जाम लगाने का अनुमान था इसलिए मुश्तैद थी। स्थिति को तत्काल नियंत्रण में लिया।

दोस्तों ने दी पिता की मौत की खबर

मृतक महेन्द्र पोद्दार के तीन बेटे निरंजन, सूरज, धर्मेन्द्र व दो बेटियां अस्मिता व अर्पिता हैं। घटना के बाद गोला का मंदिर में ही रहने वाले कुछ लड़के घटना स्थल पर पहुंचे तो वह स्कूटर देखकर पहचान गए कि यह उनके दोस्त सूरज के पिता का है। तत्काल उसे सूचना दी। जिस पर परिजन को घटना का पता लगा।