ग्वालियर। सोनचिरैया अभयारण्य क्षेत्र में आने वाले पावठा (ग्राम बरई के पास) क्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिला है। शव 10 से 15 दिन पुराना बताया गया है। प्राथमिक जांच में तेंदुए की मौत का कारण पानी की कमी और लपट का शिकार बनना माना गया है। दो माह के अंदर जिले में तेंदुए की मौत की दूसरी घटना है। पहले तेंदुए की मौत शिकार के कारण हुई थी। जानकारी के अनुसार सोनचिरैया अभयारण्य की बीट पावठा में आने वाले ग्राम बरई के पास जंगल में एक तेंदुआ मरा हुआ मिला है। प्राथमिक पड़ताल में उसके सभी मुख्य अंग सुरक्षित स्थिति में मिले, जिससे यह स्पष्ट हो सका कि इसका शिकार नहीं किया गया है।

वन अमले ने तीन सदस्यीय टीम से इसका पोस्टमार्टम करवाया। प्राथमिक जांच के अनुसार इस तेंदुए की मौत पानी की कमी और गर्मी की मार के कारण हुई है।

20 मार्च को एक का हुआ था शिकार

20 मार्च को शहरी क्षेत्र के वार्ड 66 में आने वाले ग्राम पुरासानी के जंगल में एक तेंदुए का शिकार किया गया था। शिकारियों ने उसके पंजे ,नाखून सहित अन्य अंगों को काटकर निकाल लिया था। एसटीएफ टीम की पड़ताल में दो संदिग्धों को जेल भी भेजा गया है। इनके पास लगभग 15 दिन पहले तेंदुए के पंजे का एक भाग व खाल के कुछ अंश मिले थे। खास बात यह रही कि इस मामले में वन अमले ने मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी थी। सूत्रों के अनुसार शिकार के आरोप में पकड़े गए लोगों से भले ही तेंदुए के शरीर के अंश मिले हों, लेकिन असल शिकारी वन अमले की पकड़ में नहीं आए थे।

हमने पानी के लिए मांगा है बजट

तेंदुए की मौत का प्राथमिक कारण पानी की कमी व गर्मी का शिकार होना सामने आया है। पूरा क्षेत्र पथरीला है,यहां पानी के स्रोत नहीं है। हमने विभाग से यहां कृत्रिम जल स्रोत तैयार करने बजट मांगा है।

ओपी उचाड़िया, डीएफओ, ग्वालियर