अजय उपाध्याय, ग्वालियर। लोकसभा चुनाव आते ही कार्यकर्ताओं की भौंएं खिल गईं थीं कि इस बार फिर विधानसभा चुनाव जैसा ही सुबह, दोपहर शाम खूब तरह तरह के व्यंजन खाने को मिलेंगे। लेकिन उनके अरमान उस समय चकनाचूर हो गए, जब कार्यालय पर हलवा पूड़ी तो दूर चाय पानी की भी व्यवस्था नहीं मिली। आलम यह है कि कांग्रेस व बीजेपी दोनों बड़ी पार्टियों के कार्यालय दिन में खाली पड़े रहते हैं। यहां पर कोई झकने भी नहीं आता। आए भी क्यों भला। नेताजी प्रचार में, गर्मी में कार्यालय पर जूस तो छोड़ो चाय के भी लाले पड़े हैं। इसलिए अब तो कार्यकर्ता खुद ही कहने लगे कि नेताजी के प्रचार में जाना है तो घर से खाना खाकर निकलो, नहीं तो भूखे ही रह जाओगे।

यह थी कांग्रेस कार्यालय की स्थिति

कांग्रेस पार्टी का चुनावी कार्यालय रामकृष्ण आश्रम के बगल से बनाया गया है। हालांकि इस पर बोर्ड तो नहीं लगा लेकिन एक बिल्डिंग के हॉल में गद्दे डले हुए हैं। जहां पर कार्यकर्ताओं को बैठने की व्यवस्था है। पीने के पानी के लिए कैन रखी गई है। कार्यालय इंचार्ज नरेश को बनाया गया है। वह कार्यालय में बैठकर लोगों को फोन पर नेताजी की प्रचार संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाते हैं। नेताजी का जिस क्षेत्र में कार्यक्रम होता वहां के लोगों को पहले ही सूचना देने का काम किया जाता है। पार्टी प्रत्याशी अशोक सिंह ने निजी कार्यालय घर पर ही बनाया है। जहां पर कार्यकर्ताओं के लिए खाने पीने की व्यवस्था की गई है। एक कार्यालय सराफा बाजार में भी बनाया गया है।

पांच पैकेट लाया हूं

कांग्रेस कार्यालय पर जब खाने की व्यवस्था जाननी चाही तो कार्यालय इंचार्ज नरेश ने बताया कि खाने के पैकेट प्रत्याशी के घर से ही आते हैं। पैकेट मंगवाए हैं खाना खाना हो तो मिल जाएगा। तभी एक युवक साफी में 5 पैकेट लेकर आया। उसने बताया कि नरेश ने पर्ची बनाकर दी थी। जिस पर उसे यह पैकेट मिले हैं इन्हीं से काम चलाना है।

मोदी हाउस बना बीजेपी कार्यालय

संकट मोचन हनुमान मंदिर के बगल से मोदी हाउस में बीजेपी पार्टी का चुनावी कार्यालय बना हुआ है। जहां पर राजू धोलकर को कार्यालय इंचार्ज बनाया गया हे। राजू ही कार्यालय में पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं को चाय पानी की व्यवस्था करते हैं। मोदी हाउस पर चुनाव कार्यालय के अलावा शहर में मंडल स्तर पर 9 कार्यालय बनाए गए हैं। शाम के वक्त करीब दस लोग बैठे हुए थे।