ग्वालियर। स्कूली वैन और ऑटो की सोमवार को हड़ताल के कारण शहरभर के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। अधिकतर वैन-ऑटो से बच्चों का आवागमन करने वाले स्कूलों में तो आधी ही संख्या रह गई। अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा,बच्चों को खुद लाना-ले जाना पड़ा। वहीं हड़ताल के मामले में स्कूली ऑटो-वैन यूनियन एक मत नहीं है,एक यूनियन दूसरी यूनियन की इस हड़ताल को नहीं मान रही है। भारतीय मजदूर संघ व कुछ यूनियनों के साथ सोमवार को फिर अधिकारियों के साथ बैठक हुई लेकिन कलेक्टर ने जो रविवार को कहा वही दोहराया कि स्कूल वैन नहीं चलने दी जाएंगी। भारतीय मजदूर संघ के अरविंद मिश्रा का दावा है कि प्रशासन अब कार्रवाई नहीं करेगा और मंगलवार से स्कूल वैन-ऑटो चलेंगे। वहीं दूसरी यूनियन के अनुसार मंगलवार को हड़ताल का आखिरी दिन है और बुधवार को आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

ज्ञात रहे कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का आदेश है कि 13 सीटर से कम क्षमता वाले वाहन में स्कूली बच्चों का परिवहन नहीं किया सकेगा। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के सुरक्षित सफर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन भी है। बच्चो के सुरक्षित सफर को लेकर ही हाल ही में आरटीओ ने आदेश जारी किया है जिसमें स्कूली वैन और ऑटो को प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऑटो में सिर्फ 12 साल से कम उम्र के पांच बच्चे की जाने दिए जाएंगे। 2012 से पहले कॉर्मशियल परमिट स्कूली वाहनों को दिए गए थे लेकिन अब स्कूली वैन और ऑटो को कॉर्मिशियल परमिट नहीं दिए जा सकेंगे। ग्वालियर में करीब 1500 स्कूली ऑटो और 1000 स्कूली ही वैन चलतीं हैं।

एक मसलाः अलग-अलग दावे

प्रायवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह ने कहा कि स्कूली वैन चालकों की हड़ताल मंगलवार को भी रहेगी। मंगलवार सुबह 9 बजे फूलबाग पर सभी वैन चालक एकत्रित होंगे और 11 बजे कलेक्टर को ज्ञापन सौंप नगरीय सीमा में वैन चलाने की अनुमति मांगी जाएगी। वहीं भारतीय मजदूर संघ के अरविंद मिश्रा का कहना है कि प्रशासन अब कार्रवाई नहीं करेगा। हम वैन चलाकर ही रहेंगे। प्रशासन ने मौन रूप से वैन चलाने की सहमति दे दी है। इधर प्रशासन के अनुसार कोई राहत नहीं दी गई है।

ढ़ाई घंटे घूमा अमला,नहीं मिली वैन

परिवहन अमला सोमवार सुबह 6 बजे से स्कूली वैन को कार्रवाई के लिए तलाशता रहा लेकिन कोई वैन नहीं मिली। सुबह 6 बजे से साढ़े आठ बजे परिवहन अधिकारियों ने सड़कों पर वाहन ढूंढे लेकिन नहीं मिले।

इधर अध्यक्ष बोले-स्कूल की कोई जिम्मेदारी नहीं

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों का स्कूल बस से आना है या फिर ऑटो से, यह अभिभावकों पर निर्भर करता है। स्कूल सिर्फ अपनी तरफ से बस की च्वॉइस रखता है। अगर अभिभावक सोमवार से ऑटो बंद होने से परेशान हैं तो इसके लिए संबंधित स्कूल जिम्मेदार नहीं है। वहीं रही बात मिनी बस की तो हाल ही में जारी हुए निर्देश का पालन करने में थोड़ा बहुत समय तो लगता है।

नियम से ही चलेंगे स्कूली वाहन

स्कूली वैन अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रख सकते हैं, उन्हें जिला प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से कोई राहत नहीं दी जाएगी। स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को लेकर न्यायालय और भारत सरकार के नियमों का पालन करना ही होगा।

-अनुराग चौधरी,कलेक्टर