ग्वालियर। विधानसभा निर्वाचन-2018 के दौरान खुद की कार के भी प्रत्याशी किराएदार बन गए। प्रचार में लगने वाले प्रत्याशियों के निजी वाहन को भी कैटेगरी के हिसाब से किराए के वाहन में शामिल कर लिया गया। उधर जनसंपर्क के दौरान प्रत्याशियों ने जो फूल मालाएं पहनी हैं, उसका भी खर्च खुद नेताजी को ही चुकाना पड़ा है।निर्वाचन आयोग की निगरानी टीमों के जुटाए गए आकलन की समीक्षा के बाद यह सामने आया है।

वहीं प्रत्याशी के रिश्तेदार की गाड़ी भी अगर साथ या आसपास चलती दिखी तो वह भी काउंटिंग में आ गई है। फूलमाला तक अगर एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में दिख गईं तो उन्हें दूसरी फूलमाला मानकर खर्च में जोड़ दिया गया। वहीं 10 जनवरी चुनाव खर्च का फायनल एफिडेविट देने की आखिरी तारीख थी और अधिकतर ने आखिरी दिन ही जमा किए। सिर्फ पांच प्रत्याशी एफिडेविट देने नहीं पहुंचे।

विधानसभा निर्वाचन-2018 में इस बार चुनाव आयोग की ओर से प्रत्याशियों के लिए प्रचार खर्च की सीमा 28 लाख कर दी गई थी। इससे पहले तक यह सीमा 16 लाख थी। चुनाव खत्म होने के बाद अब प्रत्याशियों के चुनाव खर्च का असेसमेंट करने के लिए चुनाव प्रेक्षक ग्वालियर में ही हैं। विधानसभा निर्वाचन में मैदान में उतरे ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों से 89 प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च का ब्यौरा दे दिया है। इन प्रत्याशियों के खर्च की समीक्षा लेखा समाधान की बैठक में किया गया। जिसमें प्रत्याशियों और आयोग की ओर से आने वाले अंतरों को दूर किया गया।

वही फूल, गली बदली तो दोबारा जुड़ गया खर्च

निवार्चन की ओर से शहरभर में लगाई गईं वीडियो सर्विलांस टीम ने प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर निगरानी रखी। इस बार आयोग के साफ निर्देश थे कि प्रत्याशियों की ओर से प्रचार में उपयोग किए जाने वाले हर संसाधन को खर्च में जोड़ा जाए। अब वीएसटी टीम ने प्रत्याशियों के जनसंपर्क को जब रिकॉर्ड किया तो उसमें फूलमालाओं को भी काउंट किया गया, एक मोहल्ले या क्षेत्र से अगर प्रत्याशी वही फूलमालाएं पहने निकला है तो दूसरी जगह अगर वीएसटी ने रिकॉर्ड किया तो वही फूलमालाएं दोबारा खर्च में जुड़ गईं।

इस तरह की थीं चुनाव में दरें -प्रतिदिन

बड़ी बस-5280 रुपए

बड़ा ट्रक-1920 रुपए

मिनी बस-3600 रुपए

मिनी ट्रक-1320 रुपए

एसी लग्जरी चार पहिया-3600 रुपए

स्पीकर सेट माइक - 480 रुपए

उच्च कलाकारों के लिए साउंड-3000 रुपए

मेटल लाइट-255 रुपए

जनरेटर बिना डीजल-600 रुपए

कॉर्डलेस माइक-240 रुपए

पाइप पंडाल-600 रुपए

छतरी साइज 30 बाय 30 टेंट-1800 रुपए

शामियाने साइज टेंट - 960 रुपए

आखिरी दिन पहुंचे प्रत्याशी, 84 फायनल एफिडेविट आए

चुनाव खर्च का ब्यौरा देने के बाद फायनल एफिडेविट देने की तिथि 10 जनवरी थी। अधिकतर प्रत्याशी आखिरी दिन ही फायनल एफिडेविट देने पहुंचे। जिस कारण चुनाव खर्च सेल में दिनभर चहल-पहल रही। अधिकारियों का कहना था कि अधिकतर प्रत्याशी तो खाली हाथ ही आ गए और उन्हें यहां पर आने के बाद ही फायनल एफिडेविट देने का तरीका बताया गया।