ग्वालियर। पैरामेडिकल कॉलेजों में छात्रवृत्ति घोटाले की लंबी जांच के बाद लोकायुक्त ने केएस पैरामेडिकल कॉलेज के 12 व मुरैना के जेपी पाठक इंस्टीट्यूट के 24 लोगों के खिलाफ लोकायुक्त ने एफआईआर दर्ज की है। प्रदेश के 38 कॉलेजों के खिलाफ लोकायुक्त की जांच चल रही है। आरोपियों में जीआरएमसी की पूर्व डीन डॉ. अमृता मेहरोत्रा का नाम भी शामिल है।

पैरामेडिकल कॉलेजों में 1 साल का नर्सिंग कोर्स करने वाले एससी व एसटी छात्रों को राज्य शासन द्वारा 13 हजार रुपए ट्यूशन फीस व 4250 रुपए की छात्रवृत्ति दी जाती है। कॉलेज संचालकों ने छात्रवृत्ति व ट्यूशन फीस हजम करने के लिए फर्जी छात्रों की भर्ती की और करोड़ों रुपयों का घोटाला कर दिया।

भोपाल में की गई थी जांच-

पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों द्वारा किए जा रहे छात्रवृत्ति घोटाले की शिकायत की गई थी। शुरुआती जांच के बाद संदेह की सूची में आए कॉलेजों की जांच संभाग व जिलावर लोकायुक्त को सौप दी गई। लंबी जांच-पड़ताल के बाद लोकायुक्त ने ग्वालियर के केएस पैरामेडिकल कॉलेज के 12 व मुरैना के जेपी पाठक इंस्टीट्यूट के 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इनके खिलाफ हुआ मामला दर्ज-

केएस पैरामेडिकल कॉलेज-

जीआरएमसी की पूर्व डीन एवं तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉ. अमृता मेहरोत्र. डॉ. अर्चना मौर्य, डॉ. संजीव सिंह, डॉ. संजीव आर्य, तत्कालीन जिला संयोजक सुंधाशु वर्मा, केएस पैरामेडिकल कॉलेज के प्रिंसपिल सुश्री द्विवेदी, कॉलेज संचालक रामगोपाल सिंह कुशवाह, जीएस भदौरिया, भगवत पांडे, अविनाश सरल, दिलीप पटवार व जितेंद्र सिंह शामिल हैं।

जेपी पाठक इंस्टीट्यूट-

डॉ. एसएन राठौर, डॉ. आरएस परिहार, डॉ. सरोज अग्रवाल, संगीता सिंह, ब्रजराज सिंह, रामलखन सखवार, चंद्रशेखर उपमन्यू, रवि शर्मा, जेपी पाठक इंस्टीट्यूट के प्राचार्य डॉ. दीवान शर्मा, पंकज शर्मा, मानदीप, नीरज सिंह, नवल सिंह, पातीराम सिंह, कोमल सिंह, चंद्रजीत, नीलम, रवि जाटव, घनश्याम जाटव, मिथलेश, स्वर्णलता व सुनील शामिल है।

पहले चरण में 3-3 छात्रों की जांच-

पैरामेडिकल कॉलेज के एसएसी, एसटी छात्रों के सूची में से 3 छात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई। जो फर्जी निकले। हर वर्ष 50 के लगभग छात्रों को एडमिशन दिया है। जिसमें से 45 के लगभग के छात्र फर्जी होने का अनुमान लोकायुक्त को है।

इनका कहना है

जांच के बाद पैरामेडिकल कॉलेजों में एक साल के नर्सिंग कोर्स में फर्जी छात्रों के जरिए छात्रवृत्ति घोटाला पकड़ में आया है। शुरुआती जांच में केएस पैरामेडिकल कॉलेज से जुड़े 12 व मुरैना के जेपी पाठक इंस्टीट्यूट के संचालकों सहित 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।

-धर्मवीर सिंह भदौरिया, डीएसपी लोकायुक्त