ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य में अव्यवस्थाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हील चेयर उपलब्ध न हो पाने का मर्ज अब पुराना हो चुका है। मरीज को गोद व कंधे पर लादकर इलाज के लिए ले जाते मरीजों का दिखना भी आम हो गया है।

सोमवार को भी अस्पताल में कई मरीजों को उनके परिजन कंधे पर लादकर ले जाते हुए दिखाई दिए। जो थक कर बार-बार मरीज को जमीन पर उतारते और थोड़ी सांस लेकर दोबारा उठा लेते। ओपीडी से निकलकर तमाम तरह की जांचें कराने के लिए भी उन्हें व्हील चेयर नसीब नहीं हुई। हालांकि अस्पताल में मौजूद स्ट्रेचर वहां की दवाइयों समेत अन्य सामान को ढोते हुए देखने को मिले।

डेढ़ हजार भर्ती, 3 हजार की ओपीडी, स्ट्रेचर केवल 82

अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हीलचेयर की कमी किस कदर है इसका अंदाजा आकंड़ों से ही लगाया जा सकता है। जयारोग्य अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा के मुताबिक अस्पताल में औसतन भर्ती रहने वाले मरीजों की संख्या 1500 के करीब रहती है। वहीं रोजाना औसतन ओपीडी 3 हजार के करीब रहती है। वहीं इतने सारे मरीजों के लिए अस्पताल में महज 82 स्ट्रेचर ही उपलब्ध हैं। जबकि व्हील चेयर की संख्या 42 है। इनमें से भी बड़ी संख्या में स्ट्रेचर व व्हील चेयर टूट चुके हैं। इस्तेमाल के लायक न रहने के कारण यह स्ट्रेचर स्टोर में व यहां वहां पड़े हुए हैं।

100 स्ट्रेचर व 50 व्हील चेयर के लिए डीन को लिखा पत्र

अस्पताल में स्ट्रेचरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 100 स्ट्रेचर व 50 व्हील चेयर के लिए डीन को एक सप्ताह पहले पत्र लिखा था। 3 कियोस्क सेंटर भी बनाए जाएंगे। जहां मरीजों की मदद के लिए 3-3 कर्मचारी रहेंगे। 3 शिफ्ट में कुल 27 कर्मचारियों को आउट सोर्स से नियुक्त कर तैनात किया जाएगा।

-डॉ. अशोक मिश्रा, अधीक्षक, जेएएच