ग्वालियर। सऊदी अरब से बांग्लादेश के रास्ते भारत में आने वाला घुसपैठिया अहमद अलमक्की नमाज के लिए जाते समय पुलिस जवान को चकमा देकर भाग गया। घटना मंगलवार रात 9 बजे मप्र के ग्वालियर में एलआईसी तिराहा पड़ाव की है। पुलिस जवान को उसने लघुशंका के लिए रुकने का बोला और अंधेरे में गायब हो गया।

घुसपैठिया 21 सितंबर 2014 को स्टेशन बजरिया में बांग्लादेशी पासपोर्ट पर सिम कार्ड खरीदते समय पकड़ा गया था। इसके बाद उसे तीन साल की सजा हुई। जेल से रिहा होने के बाद 8 महीने से वह पड़ाव थाना पुलिस की निगरानी में था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित स्टेशन बजरिया इलाके में 21 सितंबर 2014 को एक युवक सिम कार्ड खरीदने आया था। उसके पास बांग्लादेश का पासपोर्ट था। युवक अरबी मिक्स हिन्दी या फिर इंग्लिश बोल रहा था। दुकानदार की सूचना पर पड़ाव थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। युवक की पहचान अहमद अलमक्की के रूप में हुई थी। अन्य दस्तावेज चेक किए तो सऊदी अरब का ड्राइविंग लाइसेंस निकला। वह यहां आने का कारण भी पुलिस को नहीं बता पाया था।

इसके बाद पुलिस ने उसे घुसपैठिया मानकर विदेशी अनियम 1946 के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया था। 23 अक्टूबर 2017 को वह जेल से रिहा हुआ। पर उसके बाद उसे पड़ाव थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया। साथ ही उसके देश उसे पहुंचाने के लिए डीएसबी ने प्रयास शुरू किए। 8 महीने से पड़ाव थाना पुलिस की निगरानी में वह रह रहा था।

पूरी तैयारी कर भागा घुसपैठिया

रमजान माह शुरू होते ही अलमक्की ने भी रोजा रखने और मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने की जिद की। पुलिस अधिकारियों ने उसे इजाजत नहीं दी तो उसने अनशन शुरू कर दिया। थाने के कुछ पुलिसकर्मियोंं की सिफारिश पर अधिकारियों ने उसे पुलिस अभिरक्षा में नमाज के लिए एजी ऑफिस के पास महलगांव में मस्जिद लाने व ले जाने की अनुमति दी। एक या दो सिपाही उसे बाइक पर लेकर मस्जिद जाते और लेकर आते थे। इस दौरान उसने अपने आचरण से सभी का विश्वास जीत लिया। जब रमजान खत्म होने में सिर्फ तीन दिन रह गए थे तभी मंगलवार रात 9 बजे वह सिपाही विजय शंकर के साथ मस्जिद से नमाज पढ़कर लौट रहा था। एलआईसी ऑफिस तिराहे पर अलमक्की ने लघुशंका की बात कही। जवान ने उसे बाइक से उतार दिया। वह सड़क किनारे झाड़ियों की तरफ गया और वहां से भाग गया।