ग्वालियर। कभी सोचा नहीं था मैं फिटनेस की दुनिया से जुड़ूंगी। लेकिन यह सच है, इंसान की लाइफ में कब क्या हो जाए, पता नहीं रहता है। मैंने ग्रेजुएशन ग्वालियर से किया है। मेरे पिता आर्मी में मेजर थे और उन्होंने मेरी शादी बैंगलुरु में की। वहां पहुंचने के बाद मैंने सालसा और लेटिन डांस की क्लासेस ज्वॉइन की। इसके बाद दो बच्चे हो गए।

फिर मैंने महसूस किया, मेरा वजन बढ़ रहा है। इसलिए सर्टिफिकेट कोर्स ज्वॉइन किया। इसके ग्यारह सेशन पूरे करने के बाद लगा मेरा वजन काफी घटा है। तब से मैंने दूसरों को भी अवेयर करने के लिए फिटनेस मॉडलिंग के साथ ट्रेनिंग देना शुरू कर दी। मेरी ससुराल वाले मुझे लेडी सलमान खान कहते हैं।

यह कहना है बैंगलुरु से आईं फिटनेस मॉडल व ट्रेनर सोनाली स्वामी का। वे शुक्रवार को शहर में थीं। इस दौरान उन्होंने 'नईदुनिया लाइव' से मुलाकात कर अपनी जिंदगी से जुड़े अनुभवों को शेयर किया।

महिलाएं बदलें अपनी सोच

आमतौर पर महिलाएं सोचती हैं कि बच्चे होने के बाद उनकी जिंदगी खत्म हो गई। अब वे सिर्फ अपना घर और बच्चे ही संभाल सकती हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं, मैं 41 साल की हूं, मेरे दो बच्चे हैं और मैने जो भी पाया है सब शादी और बच्चे होने के बाद ही पाया है। ऐसे में साफ है, महिलाओं को हमेशा पॉजिटिव सोच रखनी चाहिए। क्योंकि जब तक हम खुद से प्यार नहीं करेंगे, खुद का ध्यान नहीं रखेंगे तब तक कोई हमारा ध्यान नहीं रखेगा।

उन्होंने बताया 2014 में बॉडी पावर एक्सपो में भाग लिया और जीत गईं। इसके अलावा एशियंस-2016 में ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। साथ ही वर्ल्ड चैंपियनशिप्स की टॉप टेन लिस्ट में नाम दर्ज करा चुकी हैं।

बिकिनी पहनने पर लोगों ने जताई आपत्ति

सोनाली ने बताया, मैं कॉम्पीटिशन में बिकिनी पहननी हूं। कई बार कुछ लोगों ने मुझे बिकिनी पहनने पर रोका। इतना ही हीं लोग फेसबुक पेज पर बिकनी न पहनने की सलाह देते हैं। उन्होंने बताया मैं आजाद खयालों की भारतीय महिला हूं। मेरा ससुराल और परिवार सपोर्ट में है तो डर कैसा।

सप्लिमेंट को न समझें डाइट

मैं 4 साल से सप्लिमेंट ले रही हूं। लेकिन मुझे इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा। फिर भी सप्लिमेंट सिर्फ सप्लिमेंट की तरह लिए ही जाने चाहिए न कि डाइट की तरह। अगर आप सप्लिमेंट्स लेते हैं तो वर्कआउट में कंजूसी न करें। लड़कियां डाइटिंग न करें साथ ही फैट लॉस और वेट लॉस में अंतर समझें। इससे मसल लॉस भी होता है।