ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में मंगलवार को एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक आरकेएस सेंगर के केबिन में हंगामा किया। हंगामा देख परीक्षा नियंत्रक दूसरे गेट से निकलना चाह रहे थे, लेकिन छात्रों ने उन्हें निकलने नहीं दिया। छात्रों ने खुलकर आरोप लगाए कि निजी कॉलेज पैसे देते हैं तो उनका रिजल्ट अच्छा रहता है। शासकीय कॉलेज के छात्रों को फेल कर देते हैं। हंगामा कर रहे छात्रों को कुलसचिव आईके मंसूरी ने वार्ता के लिए बुलाया। दोनों के बीच तय हुआ कि मामला परीक्षा कमेटी के पास भेजा जाएगा। कमेटी को लगता है तो कॉपियों का मूल्यांकन दुबारा कराया जाएगा।

जीवाजी विश्वविद्यालय ने हाल ही में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित किया था। एमएलबी कॉलेज के 250 से अधिक छात्र भारतीय संविधान विषय में फेल हो गए। यह समस्या बताने के लिए छात्र जेयू पहुंचे । उन्होंने अपनी समस्या परीक्षा नियंत्रक आरकेएस सेंगर को अवगत कराई। परीक्षा नियंत्रक ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। इस बात को लेकर छात्र नाराज हो गए और केबिन में ही धरना देने लगे। करीब आधा घंटे तक छात्र केबिन में हंगामा करते रहे। स्थिति उग्र होती देख परीक्षा नियंत्रक उठकर दूसरे गेट से बाहर जाने लगे। छात्र दूसरे गेट पर खड़े हो गए और उन्हें अंदर बिठा लिया। छात्रों की समस्या कुलसचिव आईके मंसूरी को अवगत कराई। कुलसचिव ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। छात्रों ने अपनी समस्या कुलसचिव के समक्ष रखी और आखिर में तय हुआ कि परीक्षा कमेटी को मामला भेजा जाएगा। अगर नंबर बढ़ाने की स्थिति दिखती है तो कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन दुबारा कराया जाएगा।

मूल्यांकन पर उठाए सवाल

- छात्रों ने जेयू के मूल्यांकन कार्य पर सवाल खड़े किए। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकारी कॉलेज अधिकारियों को पैसे नहीं देता है। इस वजह से इन कॉलेजों के छात्रों को फेल करते हैं। इस कारण 30 प्रतिशत रिजल्ट रहता है। निजी कॉलेज के 80 फीसदी छात्र पास होते हैं। इनसे पैसे मिलते है इसलिए इन छात्रों को पास किया जा रहा है।

- छात्रों का कहना था कि हम भी पैसे देने को तैयार हैं, लेकिन हमें भी उनकी तरह पास किया जाए। कॉपियों में हर प्रश्न का उत्तर लिखा है, फिर भी फेल कर रहे हैं। हमारी समस्या का हल निर्धारित समय में निकालना होगा। अगर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।

यह छात्र रहे परेशान

जेयू में अफरा तफरी का माहौल होने की वजह से छात्र परेशान रहे। कर्मचारी व छात्रों के आंदोलन से छात्रों के काम नहीं हो पा रहे थे। परीक्षा विभाग में भीड़ ज्यादा रही।

- कई छात्र पिछले एक सप्ताह से जेयू के चक्कर काट रहे हैं। इस कारण छात्रों का गुस्सा अधिकारी व कर्मचारियों पर फूटा। अपने काम के लिए अड़े रहे।