- आर्य समाज भवन में होली मिलन समारोह व गोष्ठी

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

मप्र लेखिका संघ की ओर से शनिवार को आर्य समाज भवन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। लोकगीत की सौंधी महक , नृत्य और ठुमकों के मीठे छौंक ने जो समां बांधा उससे हर कोई रंग से सराबोर हो गया। कृष्ण-राधा की रास लीला, बुंदेली, मालवी, निमाड़ी, अवधी बोलियों ने एकता में अनेका के उदाहरण ने कार्यक्रम को अपने उत्साह, जोश और प्रसन्नाता से भर दिया। अनिता सक्सेना की अध्यक्षता में रंजना शर्मा ने आज बिरज में होली रे रसिया... और सुनीता शर्मा ने रंग भरी राधा की गगरिया... कविता पेश की। मंजुलता श्रोती ने मो पे रंग न डालो सांवरिया..., करुणा श्रीवास्तव ने बाबा नंद कज द्वार मची होरी... और हंसा श्रीवास्तव ने मेरे पांव में लग गओ कांटो गुईयां... के जरिए रंग बिखेरा। इस क्रम में नविता जौहरी ने फागुनवा मा रंग रच रच बरसे... और पुष्पा शर्मा ने होली खेले राधा संग नटवर नंद किशोर... की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में आनंद लीना वाजपेयी ने होली खेलें सखियां सारी..., प्रेम शीला सिंह ने आज देखो होली है..., नीना सोलंकी ने होरी खेलन आयो श्याम आज याहे रंग में बोरो री..., कीर्ति श्रीवास्तव ने कान्हा जी आए बरसाने खेलन होलिया रे.., जैसी रचनाएं पेश की। मधुलिका सक्सेना ने होरी में भींजे राधा प्यारी..., रेखा भटनागर ने रे मनवा रंग तन रंग मन होलिया... जैसे मधुर लोकगीतों को ढोलक की थाप से सबको झूमने को मजबूर कर दिया। संचालन मधुलिका सक्सेना ने किया।