मूर्तिकार बना रहे पीओपी की गणेश प्रतिमाएं, प्रशासन को चिंता नहीं

इटारसी। नवदुनिया प्रतिनिधि

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को आदेश दिए थे कि पीओपी की गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रतिबंधित किया जाए, इतना ही विसर्जन को लेकर भी गाइड लाइन तय की थी। स्थानीय प्रशासन ने इन आदेशों को इस बार कहीं भी प्रसारित नहीं किया है और न ही पीओपी की प्रतिमाएं बनाने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। इससे भी गंभीर बात ये है कि प्रशासन के पास ऐसी कोई सूची ही नहीं है जिसे वे नोटिस सर्व करे। यदि ऐसे ही हालात रहे तो जो मूर्तियां बन रही हैं, वे बाजार में बिकेंगी भी और प्रतिमाएं तालाब व नदियों में विसर्जित भी होंगी।

क्या दिए हैं आदेशः

- मूर्तियों में जहरीले रंग करने वाली सामग्री का न केवल मूर्तियों में उपयोग बल्कि सामग्री का उत्सवों में उपयोग करने से रोकने के लिए अभियान चलाया जाए।

- मूर्ति पर पेंट के उपयोग को हतोत्साहित किया जाए, जल में घुलनशील नॉन टॉक्सिक प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाए। जहरीले एवं नॉन बायोडिग्रेडिंबिल रसायनिक रंगो से मूर्तियों को पेंट करना कड़ाई से प्रतिबंधित किया जाए।

ये निर्देश कागजों में सिमटकर रह गएः

- जन सामान्य को जन जागृति कार्यक्रम के माध्यम से पवित्र जल स्त्रोतों में विपरीत प्रभाव की जानकारी से अवगत कराया जाए।

- जन जागृति के लिए पेम्पलेट एवं पोस्टर का प्रकाशन किया जाए।

- मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मूर्ति निर्माताओं के साथ इको फ्रेन्डली सामग्री से मूर्ति निर्माण के संबंध में वर्कशॉप की जाए।

क्या है स्थितिः

पिछले वर्ष पीओपी की प्रतिमा बाजार लेकर आने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई थी तो इस वर्ष पीओपी की प्रतिमाएं बड़े स्तर पर बननी शुरु हो गई हैं। जो कि लोग प्रशासन के दबाव में मिट्टी की मूर्ति बनाना शुरु कर दिए थे वे अब फिर से पीओपी की प्रतिमाएं बनाने लगे हैं। गणेश उत्सव सितंबर माह में है यदि अभी प्रशासन सख्ती से रोक लगा देता है तो पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा और जो लोग प्रशासन की बात मानकर मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने लगे हैं उनको भी हिम्मत आएगी।

खबर के साथ फोटो---

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इटारसी। पीओपी की प्रतिमा बनाते हुए मूर्तिकार।

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परामर्श केन्द्र में थी पति-पत्नी की पेशी, रात में खा लिया जहर

तनाव के चलते युवक ने की आत्महत्या

इटारसी। नवदुनिया प्रतिनिधि

नाला मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक एक कॉलोनाइजर के यहां काम करता था। पुलिस के अनुसार मोहसीन पुत्र शाहिद खान ने बुधवार देर रात घर में जहरीला पदार्थ खा लिया, गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर आए जहां उसे मृत घोषित किया गया।

परामर्श केन्द्र में थी पेशीः

बताया गया है कि मोहसीन खान की ससुराल गरीबी लाइन में है। उसकी पत्नी का लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रकरण परामर्श केन्द्र में लंबित था, गुरूवार को उसकी पेशी होना था, इस विवाद के चलते मोहसीन लंबे समय से तनाव में चल रहा था। उसके तीन बच्चों में से दो उसके पास एवं एक उसकी पत्नी के पास था। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। गुरूवार पीएम के शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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