होशंगाबाद (मप्र) । ड्रायवर वीरू उर्फ वीरेंद्र पचौरी की हत्या कर शव के टुकड़े एसिड में गलाने की कोशिश के आरोपित डॉ. सुनील मंत्री को गिरफ्तार हुए तीन दिन हो चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक उसे निलंबित नहीं किया है। इटारसी के सरकारी अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर में उसका नाम अब भी चल रहा है।

हत्या के अगले दिन 5 फरवरी को भी रोस्टर के मुताबिक सुबह उसकी ड्यूटी थी। आरोपित डॉक्टर उस दिन ड्यूटी पर गया और उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी किए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके शिवानी का कहना है कि हमने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना के बारे में जानकारी दे दी है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

5 से 6 लाख रुपए वसूल चुका था मृतक

इधर, पुलिस गुरुवार को भी मामले की जांच में जुटी रही। पुलिस अधिकारी टीम के साथ दोपहर में घटनास्थल डॉ. मंत्री के आनंद नगर स्थित घर पहुंचे। रिमांड के पहले दिन डॉ. मंत्री पूरे समय कोतवाली में रहा। पुलिस ने उससे दो बार पूछताछ जरूर की परंतु उसे बाहर कहीं लेकर नहीं गई। आरोपित डॉक्टर का सीए बेटा श्रीकांत दोपहर में उससे मिलने के लिए कोतवाली पहुंचा।

जहां एसडीओपी मोहन सारवान की इजाजत के बाद बेटे की दो मिनट मुलाकात कराई गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपित डॉक्टर ने बताया है कि वीरू उसे ब्लैकमेल करते हुए अब तक 5 से 6 लाख रुपए वसूल चुका था। उसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही थी। इसी से तंग आकर उसकी हत्या कर दी।

थाने में बैठी है मृतक की पत्नी

मृतक वीरू की पत्नी रानी भी अपने दो साल के बेटे के साथ थाने में है। हालांकि , अभी तक पुलिस को उसके खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। जिससे इस हत्याकांड में उसकी संलिप्तता साबित की जा सके । फिर भी उसे पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा है। पुलिस उसके भोजन आदि का इंतजाम कर रही है।


इनका कहना है

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक आरोपित को ब्लैकमेल कर अब तक 5 से 6 लाख रुपए वसूल चुका था। इसी बात से डॉ. मंत्री परेशान रहता था।

अरविंद सक्सेना, एसपी

कार्रवाई करने का अधिकार मुझे नहीं है। हमने घटनाक्रम की सारी जानकारी स्वास्थ्य संचालनालय को भेज दी है। वहां से जैसा निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार डॉ. मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ.जेएस अवास्या, सीएमएचओ, होशंगाबाद