होशंगाबाद। शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार आनंद नगर की उस गली में अब सन्नाटा पसरा हुआ है, जहां पर ड्राइवर की हत्या के आरोपित डॉ. सुनील मंत्री का मकान है। डॉक्टर के मकान में अब तक उसके परिजन रुके थे, लेकिन गुरुवार को उनके जाते ही पड़ोसियों ने अपने घरों में शांति के लिए अनुष्ठान तक करा डाले।

गौरतलब है कि डॉ. सुनील मंत्री ने ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर अपने ड्राइवर वीरू की हत्या कर शव के टुकड़े किए थे और एसिड में गला दिए थे। अब डॉ. मंत्री होशंगाबाद सेंट्रल जेल में बंद है। शहर के मुख्य मार्ग से सटे आनंद नगर में डॉ. सुनील मंत्री के घर वाली गली में पहले चहलपहल रहती थी, क्योंकि आदमगढ़ के लिए लोग यहीं से जाते थे, लेकि न अब लोगों ने रास्ता बदल दिया है। नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसियों ने बताया कि जब से डॉ. सुनील मंत्री के मकान में हुए भीषण हत्याकांड की जानकारी मिली है, तब से सब लोग घबराए हुए हैं।

खौफनाक मंजर अब भी जेहन में है। पहले शाम होते ही वे घरों से बाहर आ जाते थे, लेकि न अब अधिकांश लोग घरों में ही रहते हैं। बच्चों ने इस गली में खेलना ही छोड़ दिया है। गुरुवार सुबह जैसे ही लोगों ने डॉ. सुनील मंत्री के घर के बाहर ताला डला देखा तो राहत की सांस ली। पुरोहितों से चर्चा के बाद इस गली में रहने वाले कई लोगों ने अपने घर में अनुष्ठान और शांति पाठ कराया, ताकि मन शांत हो सके ।

डीएनए टेस्ट के लिए वीरू के परिजनों को ढूंढ रही पुलिस

डॉ. सुनील मंत्री के ड्राइवर वीरू उर्फ वीरेंद्र के शव का डीएनए टेस्ट कराने के लिए पुलिस परेशान है। पुलिस को शव वीरू का सिद्ध करने के लिए डीएनए टेस्ट कराना बेहद जरुरी है, लेकि न पुलिस अब तक वीरू के परिजनों का डीएनए सैंपल नहीं ले सकी है। सिटी पुलिस वीरू के परिजनों को खोजने के लिए रेहटी और सलकनपुर भी पहुंची, लेकि न वहां कोई नहीं मिला।

कार्रवाई चल रही है

अभी मामले में दस्तावेजी कार्रवाई की जा रही है। जो-जो तथ्य सामने आ रहे हैं उन्हें जांच में लिया जा रहा है। निर्धारित समय में चार्जशीट दाखिल कराने का ध्यान रखा जा रहा है।

- मोहन सारवान, एसडीओपी, होशंगाबाद