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पोस्टमार्टम रूम में मृत युवकों के पीएम की कराई वीडियोग्राफी

- गूजरवाड़ा में मारे गए युवकों के परिजनों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपए

- कलेक्टर प्रियंका दास ने रेडक्रास के माध्यम से उपलब्ध कराई तात्कालिक मदद

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कैप्शन। उपद्रवियों द्वारा जलाए गए रेत से भरे डंपर।

होशंगाबाद/माखननगर।

ग्राम गूजरवाड़ा में डंपर की चपेट में आए कृष्ण कुमार यादव और टायर फटने से जले युवक प्रमोद यादव का शव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोस्टमार्टम के लिए गुरुवार सुबह जिला अस्पताल लाया गया। वरिष्ठ डॉक्टर आरके वर्मा और डा.पीयूष दुबे की पैनल ने दोनों शवों का पीएम कराया। पोस्टमार्टम के दौरान की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। वीडियोग्राफी एफएसएल और पुलिस द्वारा अलग-अलग की गई। घटना के बाद हुए तनाव को देखते हुए एसपी अरविंद सक्सेना, एडीएम मनोज सरयाम समेत पुलिस बल मोर्चरी के सामने मौजूद था। तनाव असर यहां यह रहा कि पीएम प्रक्रिया के दौरान मृतकों के परिजनों की संख्या बेहद कम थी। पंचनामा कार्रवाई करने के लिए पुलिस को बमुश्किल मृतकों के परिजन मिले। पीएम के बाद दोनों युवकों के शवों को ग्राम गूजरवाड़ा ले जाया गया। मृतकों के परिजनों को कलेक्टर प्रियंका दास ने रेडक्रास के माध्यम से एक-एक लाख रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। वहीं कलेक्टर दास ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्हों ने तीन स्तर पर जांच करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। घटना के बाद से ही कलेक्टर पूरे मामले पर नजर बनाएं हुए हैं व पल-पल की जानकारी ले रही हैं।

बाबई थाना प्रभारी की बुलेरो समेत 24 डंपर जलाए

बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रत मचे उपद्रव के बाद गुरुवार को जो स्थिति सामने आई वह बेहद चौंकाने वाली रही। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने माखननगर थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन के साथ हाथापाई तो की ही थी साथ ही उनके सरकारी वाहन को भी आग के हवाले कर दिया था। गुरुवार सुबह जब जले हुए वाहनों की गिनती प्रशासन ने कराई तो स्पष्ट हुआ कि 24 वाहनों को जलाया गया है इनमें से अधिकांश एलपी वाहन व डंपर थे।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताई यह कहानी

घटना के प्रत्यक्षदर्शी गूजरवाड़ा निवासी शिवप्रसाद ने बताया कि वह कृष्ण कुमार यादव के खेत से होते हुए घर की ओर बाइक से जा रहे थ्ज्ञे। इसी दौरान एक डंपर क्रमांक एमपी 09 एमएच 3830 बाजू से निकलने लगा तो कृष्णकुमार ने डंपर चालक से ठीक से चलने का लिए कहा और बाइक आगे निकाल ली। शिवप्रसाद का कहना है कि तभी डंपर चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जिससे कृष्णकुमार डंपर की चपेट में आ गया और वह दूर गिर गया। टक्कर मारने के बाद डंपर चालक फरार हो गया। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने डंपर व ट्रकों में आग लगा दी।

उपद्रव करने वालों की हुई पहचान

गूजरवाड़ा में उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान पुलिस ने कर ली है। बताया जा रहा है कि मृतक के ही कुछ परिजन इस उपद्रव में शामिल हैं। घटना के बाद लोग भड़क गए थे उन्हें शांत कराने की बजाए कुछ लोगों ने उकासाया जिसके बाद उपद्रव बढ़ गया। गांव के पूर्व सरपंच के बेटे, परिजन व कुछ ग्रामीणों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।

छह थानों के अलावा पुलिस लाइन का फोर्स तैनात

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कैप्शन। ग्राम गूजरवाड़ा में तैनात पुलिस।

गूजरवाड़ा में हुए तनाव के बाद होशंगाबाद सिटी कोतवाली, देहात थाना, माखननगर, डोलरिया, सोहागपुर, बनखेड़ी थाने के साथ ही पुलिस लाइन का बल गांव में तैनात कर दिया गया था। एसपी अरविंद सक्सेना, एएसपी राकेश खाखा, समेत इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर के एसडीओपी भी मौके पर रहे। गांव में लगातार सर्चिंग चलती रही। बुधवार रात को शुरु हुआ बवाल, रात करीब तीन बजे तक जारी रहा। एसपी अरविंद सक्सेना ने पूरी कार्रवाई की कमान खुद संभाली थी।

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कलेक्टर प्रियंकादास ने इिन तीन बिंदुओं पर जांच करने के दिए आदेश

1 - पहला बिंदु - दुर्घटना कैसे हुई

ग्राम गूजरवाड़ा में बाइक सवार कृष्ण यादव और प्रमोद यादव के साथ दुर्घटना क्या हुई इसे जांच का पहला बिंदु तय किया गया है। इसमें यह पता किया जा रहा है कि दोनो ंयुवकों के साथ जो हुआ वह अलग-अलग समय पर हुआ है कि नहीं।

कौन करेगा जांच - जांच का जिम्मा माखननगर थाना प्रभारी को सौंपा गया है।

2 - दूसरा बिंदु - किस खदान से आ रहा था डंपर

जिस जगह पर कृष्ण कुमार डंपर की चपेट में आया वह जगह खदान की ओर जाने वाली एक रोड है। गूजरवाड़ा में चार खदानें लगी हुई हैं जिनमें से दो ग्राम रजौन की भी है। एक रोड होने के कारण डंपर चालक इसी रोड से आना जाना करते हैं। यह पता किया जा रहा है कि डंपर किस खदान से आ रहा था।

कौन करेगा जांच -जांच का जिम्मा माइनिंग अधिकारी को सौंपा गया है।

3- तीसरा बिंदु - उपद्रव के लिए कौन जिम्मेदार

घटना के बाद ग्राम गूजरवाड़ा में उपद्रव फैल गया था, मानागांव, आंखमऊ के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। जांच में यह पता किया जा रहा है कि उपद्रव के लिए कौन जिम्मेदार है। माखननगर टीआई राजेंद्र बर्मन व उनके स्टॉफ पर किसने पथराव किया।

कौन करेगा जांच - एसडीओपी स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।

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शव रखकर किया चक्काजाम, प्रशासन ने दी समझाइश

पीएम के बाद कृष्ण कुमार व प्रमोद के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। कुछ लोग माखननगर पेट्रोलपंप के सामने शव लेकर पहुंच गए। जहां ग्रामीणों की मांग थी कि सबसे पहले हमारे निर्दोष लोगों को छोड़ा जाए एवं बेगुनाह लोगों पर प्रकरण न बनाया जाए। रेत का अवेध उत्खन्न एवं परिवहन बंद किया जाये। वहीं अवैध परिवहन करने वालों पर प्रसाशन ने पहले कार्यवाही क्यों नही की। इस पर एसपी अरविंद सक्सेना ने दो टूक कहा कि मेरे आने के बाद ही कार्रवाई हो रही है और आगे भी होते रहेगी। एसडीएम मनोज सरियाम ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण वहां से हटे।

मामले को राजनैतिक रंग देने के कोशिश

मामले को राजनैतिक रंग देने की भी कोशिश की गई। मौके पर कांग्रेस नेता सविता दीवान शर्मा, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटैल समेत अन्य कांग्रेसी पहुंच गए वहीं भाजपा के भी कुछ नेता मौके पर पहुंचे और लोगों से चर्चा की। कांग्रेसी नेता जहां मृतक के परिजनों के साथ अंतिम लड़ाई लड़ने की बात कहते रहे वहीं भाजपा नेता आश्वासन देते रहे।

धारा 144 लगाने की फैली अफवाह

कुछ लोगों ने गूजरवाड़ा समेत कुछ जगहों पर धारा 144 लगाने की अफवाह फैला दी। सोशल मीडिया के कुछ ग्रुपों पर इसे लेकर पोस्ट की गई। एसपी ने स्पष्ट किया गया कि धारा 144 नहीं लगाई गई है कुछ लोगों द्वारा जबरन इस बात को फैलाया जा रहा है।

इनका कहना है

ग्राम गूजरवाड़ा में एक डंपर से युवक की मौत हो गई थी जिसके बाद डंपरों में आग लगा दी गई थी। जिन लोगों ने क्षेत्र का माहौल खराब किया उनकी पहचान कर दी गई है। पुलिस के वाहन में भी आग लगाई गई है। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐहतियात के तौर पर पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है।

- अरविंद सक्सेना, एसपी

माखननगर के ग्राम गूजरवाड़ा में बुधवार-गुरुवार की रात को जो घटना हुई है उसकी जांच कराई जा रही है। जांच बिंदु तय किए गए हैं। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि किन स्थितियों में घटना घटित हुई है और डंपरों में आग लगाने वालों में कौन लोग थे। मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए रेडक्रास से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

- प्रियंका दास, कलेक्टर