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बाजार की नहीं सुधरी ट्रैफिक व्यवस्था, रोज लग रहा जाम

- वाहनों की लग रही कतार, फै ल रहा अतिक्रमण

होशंगाबाद। दीपावली त्यौहार को लेकर बाजार में यहां-वहां छोटे, हाथ ठेला वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा ली थी। त्यौहारी बाजार होने के कारण प्रशासन के नरम रुख के चलते बाजार सज गया था, लेकि न अब त्योहारों की धूम खत्म होने के बाद भी बाजार अव्यवस्थित बना हुआ है। जिसका सबसे बड़ा कारण है अवैध पार्किंग और दुकानों के सामने फै ला अतिक्रमण। वहीं शहर में अतिक्रमण का मुख्य कारण छोटे-बड़े दुकानदार या हाथ ठेला व्यवसायी ही नहीं अवैध पार्किंग भी है। शहर में होटल, अस्पताल या बैंक जिन भवनों में भी चल रहे हैं उनके सामने पार्किंग नहीं है। जिससे दिनभर शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। इन भवनों के आगे आड़े.तिरछे जैसे लोगों को समझ आता है वाहन पार्क कर देते हैं जिससे सड़क सिकु ड़ जाती है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

इंदिरा चौक से सतरास्ते तक वाहनों की कतार

इंदिरा चौक से सतरास्ते तक यहां.वहां वाहनों की कतारें देखी जा सकती है। जिसकी जहां मर्जी होती है अपने वाहन पार्क करके चला जाता है। चाहे दो पहिया हो या चार पहिया वाहन सभी अपनी मनमर्जी से पार्क कर दिए जाते हैं। यह शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका है यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। यहां वाहन पार्किंग के साथ ही दुकानों के बाहर फै ला सामान और हाथ ठेला संचालक भी अतिक्रमण बढ़ा रहे हैं।

सतरास्ते से बस स्टैंड तक फै ला अतिक्रमण

सतरास्ते से बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण कम नहीं है। इस मार्ग पर खाने.पीने का सामान बेच रहे ठेले वालों के कारण तो जाम लग ही रहा है। वहीं इस मार्ग के बीच कै नरा बैंकए आईडीबीआई बैंक सहित कई छोटी-बड़ी होटलें हैं। यहां आने वाले ग्राहक अपनी गाड़ियां पार्क करके चले जाते हैं जिससे जाम लग जाता है।

पार्किंग व्यवस्था नहीं तो कहां खड़े हो वाहन

शहर में कु छ शासकीय भवनों को छोड़ दो तो कि सी भी निजी शासकीय भवनों बैंकों या होटलों के सामने पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न ही नपा की कोई अपनी पार्किंग व्यवस्था है। जिससे यहां आने वाले लोग यहां वहां वाहन पार्क कर देते हैं इससे अतिक्रमण तो होता ही है और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

चुनावीं तैयारियों में व्यस्त अमला इधर अतिक्रमण ने पसारे पैर

विधानसभा चुनाव को देखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला चुनावीं तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारी अपनी.अपनी ड््‌यूटी व चुनावी कार्यक्रम को लेकर व्यस्त है। जिसके चलते अतिक्रमणकारी भी सड़क पर आ गए हैं। उन्हें मालूम है कि चुनावीं मौसम में तो कोई कार्‌रवाई होनी। इसलिए मनमर्जी से दुकानों का सामान सड़क पर फै लता जा रहा है। कु छ समय पहले प्रशासन द्वारा अतिक्रमण को लेकर मुहिम चलाई गई लेकि न थोड़े समय बाद ही मामला ठंडे बस्ते में चल गया। अब अगली कार्‌रवाई चुनाव बाद ही होगी इसलिए अतिक्रमणकारी भी मस्त है और कार्‌रवाई का डर नहीं होने के चलते अतिक्रमण सड़कों पर फै लता जा रहा है।