इटारसी। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब ड़ेढ बजे पथरोटा थाने के ग्राम तालपुरा में एक सौतेले बेटे ने दस दिन पहले पिता से हुए झगड़े की रंजिश पर अपनी सौतेली मां की गैंती मारकर नृशंस हत्या कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हमले के दौरान जब पिता बीच-बचाव के लिए आया तो आरोपी पुत्र ने तैश में आकर उस पर भी गैंती से कई वार किए। जख्मी हालत में मां ने दम ता़ेड दिया, जबकि पिता की हालत नाजुक होने पर उसे होशंगाबाद रेफर किया गया है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना ने घटनास्थल का जायजा लिया। जाति परंपरा का हवाला देकर ग्रामीणों और परिजनों ने मृतका के शव को लेने से इंकार कर दिया, इस वजह से पुलिस को मृतका का अंतिम संस्कार कराना पड़ा।

क्या है मामला

ग्राम तालपुरा निवासी संजय उइके गांव की सोसाइटी में काम करता है। उसकी दो पत्नियां हैं। पहली सोमवती एवं दूसरी संगीता उइके। सोमवती से संजय के तीन बच्चे 20 वर्षीय आनंद, बेटी रक्षा एवं अमित थे, जबकि संगीता से कोई बच्चा नहीं था। पति-पत्नी के झगड़े में करीब एक माह पहले सोमवती घर छा़ेडकर अपने मायके नयागांव चली गई थी, इसके बाद संजय तीनों बच्चों और संगीता के साथ रह रहा था।

पुलिस के अनुसार दस दिन पहले संजय ने बड़े बेटे आनंद को खेत पर जाकर काम करने को कहा था, इस पर आनंद भड़क गया। वह गांव में फिजूल घूमता था और कोई काम नहीं करता था। इसी बात पर पिता-पुत्र में जमकर लड़ाई हुई थी। हत्या के बाद आनंद फरार है और खूनी खेल को अपनी आंखों के सामने देखने वाले रक्षा और अमित सहमे हुए हैं। गांव में इस वारदात के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।

अलग हो गया था बेटा

झगड़े के बाद आनंद घर के पिछले हिस्से में एक कमरे में अलग रहने लगा था और खाना भी अलग बना रहा था। बीती रात संजय, संगीता और दोनों बच्चे घर के पास बाड़े में लगे पीपल के नीचे सो रहे थे, तभी रात करीब 1.30 बजे आरोपी आनंद हाथ में गैंती लेकर आया और अपनी मां के सिर पर जोरदार हमला कर दिया, गैंती लगते ही संगीता दर्द से कराह उठी। आवाज सुनकर जब पति संजय और बच्चे जागे तो आनंद गैंती लिए नजर आया, वह संगीता पर वार कर रहा था, पिता ने जब बीच-बचाव किया तो आनंद ने पिता के सिर, हाथ, पीठ एवं पैर में गैंती से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से संगीता बेदम हो चुकी थी। हमले के बाद आरोपी भाग निकला।

तड़के करीब 4 बजे सूचना पर एफआरबी, थाना प्रभारी प्रज्ञा शर्मा एवं पुलिस बल गांव में पहुंचा, एबुलेंस से दोनों को इटारसी लाने के दौरान रास्ते में संगीता की मौत हो गई, जबकि संजय को गंभीर हालत में बयान लेने के बाद होशंगाबाद रेफर किया गया।

लाश लेने से इंकार

गौ़ंड आदिवासी समुदाय में जातीय भेदभाव के चलते किसी भी ग्रामीण या संजय के परिजन ने लाश को हाथ लगाने से इंकार कर दिया, अस्पताल में पीएम के दौरान संजय की दो चाचियां और छोटा बेटा अमित खड़ा था, लेकिन वे भी लाश छूने को राजी नहीं थी, मजबूरी में पुलिस ने स्ट्रेचर धकाकर लाश को मर्चुरी रूम तक पहुंचाया।

दरअसल संजय गौ़ंड आदिवासी था और उसने कोरकू समुदाय की संगीता को दूसरी पत्नी बनाकर रखा था, इस वजह से ग्रामीणों ने लाश का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। बताया जाता है कि जो ग्रामीण समाज के नियम ता़ेडता है, उस पर सामाजिक जुर्माने के रूप में पूरे गांव को मीट एवं शराब पिलाने की सजा दी जाती है। मजबूरी में दो ग्रामीणों से पंचनामा लेकर पुलिस ने इटारसी में मृतका का अंतिम संस्कार कराया।

पुलिस अधीक्षक पहुंचे

वारदात की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना बुधवार सुबह गांव पहुंच गए, उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। मौके पर नीली रंग की बिछात और बिस्तर पड़े हुए थे, जगह-जगह खून बिखरा पड़ा हुआ था। ग्रामीणों से पूछताछ में हत्या की कोई दूसरी वजह सामने नहीं आई है। एसपी ने यह भी पूछा कि कहीं सौतन बनकर रह रही संगीता से अपनी मां का बदला तो नहीं लिया गया, लेकिन ऐसी बात सामने नहीं आई।

संजय के अनुसार दस दिन पहले पिता-पुत्र का झगड़ा ही इस हत्याकांड की वजह बना है। पुलिस ने आरोपी आनंद गौ़ंड के खिलाफ धारा 307, 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि जल्द ही आरोपी पकड़ा जाएगा। हत्या में प्रयुक्त कपड़े, गैंती भी बरामद की जाएगी।