होशंगाबाद। बेटी की मौत से गुस्साए पिता व भाई सहित मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। सास, ससुर, देवर की जमकर पिटाई की और घर के सामान के साथ ही कु र्सियां भी तोड़ दीं। करीब चार घंटे तक मायका पक्ष के लोगों ने अर्थी नहीं उठने दी।

घटना की जानकारी लगने के बाद सिटी कोतवाली टीआई आशीष सिंह पवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद मृतिका का दाह संस्कार कि या जा सका। तिवारी कॉलोनी में हुए हंगामे के दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। 9 फरवरी को देर रात पति के साथ हुए विवाद के बाद कल्पना गढ़ेवाल 26 ने के रोसिन डालकर आग लगा ली थी।

कल्पना जब शरीर में आग लगा रही थी तब उसका पति फोन पर अपने परिचित से बात कर रहा था, आग लगते ही उसे बचाने की बजाए वह चीखें फोन पर सुनाता रहा। पुलिस ने फिलहाल मर्ग के स दर्ज कर लिया है। मृत्यु पूर्व दिए गए कथन व मायके पक्ष द्वारा दी गई रिकार्डिंग के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतिका के पिता, भाई व मां का आरोप है कि कल्पना ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उसकी हत्या की गई है। सोमवार शाम को एसडीओपी कार्यालय में दोनों पक्षों के बयान एसडीओपी मोहन सारवान ने दर्ज कि ए।

सुबह होते मचा बवाल, हुई तोड़फोड़

मृतिका के शव का पोस्टार्मटम रविवार को होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। रात भर शव के पास मायके पक्ष व ससुराल पक्ष के लोग बैठे रहे, कि सी ने कोई बातचीत नहीं की। सुबह जैसे ही शव को दाह संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी की जाने लगी इसी दौरान मायके पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और कल्पना के सास, ससुर को पीटना शुरु कर दिया। घर के बार रखी कु र्सियां भी तोड़ दिया गया। मायके पक्ष के लोग इतने आक्रोशित थे कि कि सी की बात सुनने को तैयार नहीं थे।

अर्थी उठाने से कि या मना

घटनाक्रम की जानकारी लगने के बाद सिटी कोतवाली टीआई आशीष सिंह पवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को काफी देर चर्चा की, लेकि न परिजनों का कहना था कि जब तक दामाद, ससुर, सास, देवर व ननंद पर मामला दर्ज नहीं कि या जाएगा तब तक दाह संस्कार नहीं कि या जाएगा। टीआई का कहना था कि बयान दर्ज कराएं जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। दोपहर एक बजे तक शव को परिजनों ने दाह संस्कार के लिए नहीं ले जाने दिया।

बयान दर्ज करने के बाद करेंगे कार्रवाई

सोमवार सुबह दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी, समझाइश के बाद मायके पक्ष के लोग शव का दाह संस्कार कराने के लिए राजी हुए थे। जो भी तथ्य सामने आने उनके अनुसार जांच के जाएगी। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

-मोहन सारवान, एसडीओपी, होशंगाबाद।

पुलिस ने जिस कमरे को कि या सील, उसकी कर दी साफ-सफाई

मायके पक्ष के लोगों का आरोप था कि जिस कमरे में कल्पना ने आग लगाई थी उसे पुलिस ने सील कर दिया था, लेकि न रात में कमरे को खोल दिया गया और घटना के साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। कल्पना के पिता नारायणदास लिखार का कहना था कि ससुराल वाले घटना वाले कमरे में घुस गए थे और इसके बाद वहां साफ सफाई कर जला हुआ सामान गायब कर दिया गया। टीआई आशीष सिंह पवार ने परिजनों को बताया कि शनिवार देर रात हुई घटना के दौरान ही पुलिस ने काफी साक्ष्य एकत्र कर लिए थे। जिनके आधार पर जांच की जा रही है। जहां तक बिना अनुमति के कमरे में घुसने की बात तो यह जांच का विषय है कि कि स इरादे से ससुराल पक्ष के लोग कमरे में घुसे। परिजनों का कहना था कि सबूत मिटाने की कोशिश ससुराल वालों ने की है।

पुलिस कर्मियों की तैनाती की

घटना के बाद से ही तिवारी कॉलोनी के रहवासी दहशत में थे। सोमवार सुबह हालत यह थी कि लोग घरों में ही दुबके रहे, काफी जब पुलिस मौके पहुंची तो लोग घरों से बाहर निकले, लेेकि न कि सी से कोई बातचीत नहीं की। लोगों ने ही आग से जली कल्पना को बचाने की कोशिश की थी, लेकि न विवाद बढ़ने के बाद कि सी तरह की जानकारी ही नहीं दी। विवाद के मद्देनजर पुलिस कर्मियों की तैनाती कॉलोनी में कर दी गई थी।

पुलिस ने बनाया ऑडियो रिकार्डिंग को आधार

मृतिका के मायके पक्ष के द्वारा दिए गए रिकार्डिंग को पुलिस ने जांच का आधार बनाया है। ऑडियो रिकार्डिंग के आधार पर पुलिस यह पता करने में जुटी है कि कि न परिस्थितियों में कल्पना ने आग लगाई। मृतिका के दो साल के बेटे से भी पुलिस जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही। कु ल्दीप व अन्य ससुराल वालों का कहना है कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं गलत हैं।