होशंगाबाद (ब्यूरो)। चंदननगर फेस टू में 22 जून को एसपीएम के सहायक भंडारपाल संजय फसाटे की आत्महत्या और उससे पहले पत्नी प्रीति व बेटी सिम्मी की हत्या की गुत्थी देहात पुलिस ने सोमवार को सुलझा ली। संजय को उसके ही जिगरी दोस्त ग्वालटोली निवासी दवा व्यावसायी आनंद जुगानी ने सूदखोरों से 10 लाख स्र्पए उधार दिलवाकर गले-गले तक कर्ज में ला दिया था।

आनंद के कहने पर संजय शहर में जगह-जगह प्रापर्टी खरीद रहा था और इसके लिए सूदखोरों से स्र्पए उधार लेता जा रहा था। शहर के करीब दस से अधिक सूदखोरों की चंगुल में संजय फंस चुका था। वहीं उसका सगा चाचा पुणे निवासी रिटायर्ड रेलवे अधिकारी हेमचंदराव फसाटे पिछले सात सालों से एक लाख स्र्पए के लिए परेशान कर रहा था।

संजय ने हेमचंद की मदद करने के लिए शहर के एक सूदखोर से करीब डेढ़ लाख स्र्पए उधार लेकर दिए थे। हेमचंद स्र्पए वापस नहीं लौटा रहा था। आनंद और हेमचंद अलग-अलग तरीकों से संजय पर लगातार दबाव बना रहे थे। इन्हीं की प्रताड़ना से तंग आकर संजय ने आत्मघाती कदम उठाते हुए पहले अपनी पत्नी प्रीति और बेटी को मारा और फिर खुद फांसी लगा ली।

सुसाइड नोट में लिखा आंनद को मिले कड़ी सजा

22 जून को हुई घटना की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइडनोट मिला था। इस सुसाइड नोट में संजय ने आनंद और हेमचंद द्वारा परेशान किए जाने का उल्लेख किया था। सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि आनंद को कड़ी से कड़ी सजा मिले उसने शहर के कई लोगों को परेशान कर रखा है। पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखी इस इबारत का खुलासा नहीं किया था। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आनंद और हेमचंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

तू अपनी प्रापर्टी बढ़ा रईस हो जाएगा

आनंद जुगानी एसपीएम में भी दवा सप्लाई का काम करता था और इसी सिलसिले में उसका एसपीएम में आना जाना होता था। वर्ष 2000 में एक टेंडर के सिलसिले में आंनद की मुलाकात संजय से हुई थी, तभी से दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आनंद की गिनती बड़े दवा व्यावसायियों में होती थी। उसकी कई प्रापर्टी हैं। उसकी तरक्ककी देख संजय भी प्रापर्टी में इन्वेस्ट करना चाहता था। आंनद ने संजय से कहा था कि तू अपनी प्रापर्टी बढ़ा रईस हो जाएगा।

50 हजार वेतन, 20 हजार किराया फिर भी कर्जदार

संजय फसाटे को करीब 50 हजार वेतन एसपीएम से मिलता था, वहीं उसकी पत्नी को स्कूल से 10 हजार स्र्पए वेतन मिलता था। दो प्रापर्टी से किराया 20 हजार स्र्पए आता था। महीने में करीब 80 हजार स्र्पए कमा लेता था। बावजूद इसके संजय पर लाखों का कर्ज था। आनंद के माध्यम से प्रापर्टी खरीदने के लिए सूदखोरों से दस लाख स्र्पए का कर्ज हो गया था। सूदखोर अपने लाखों स्र्पए वापस करने के लिए आंनद पर दबाव बनाते तो वह संजय को स्र्पए लौटाने के लिए धमकाता था।

आनंद ने दी थी संजय को धमकी

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आनंद कई दिनों से संजय को परेशान कर रहा था। वह स्र्पए लौटाने के लिए दबाव बना रहा था। स्र्पए नहीं लौटाने के लिए आनंद ने संजय को धमकी भी दी थी। अपने ही दोस्त से मिली धमकी के बाद संजय अंदर से टूट चुका था। सूत्रों के मुताबिक 21 जून को संजय अपने दोस्त आनंद की दुकान पर भी गया था। वहां भी उसकी स्र्पयों के लेनदेन को लेकर बहस हुई थी।

दोस्त से विवाद के बाद तनाव में था, पत्नी से विवाद हुआ तो कर दी हत्या

सुसाइड और मर्डर के इस पेचीदा मामले की कड़ियां जोड़ने में पुलिस लगी है। फिलहाल पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि संभवत: आनंद से हुए विवाद के बाद संजय तनाव में था। 21 जून की रात पत्नी से विवाद के बाद सोते समय प्रीति और सिम्मी की हत्या कर दी। रात भर शवों के बीच में बैठा रहा। बुधवार सुबह 9 बजे अपने माता पिता से मिलकर ऊपर आने के बाद सुसाइड नोट लिखकर उसने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में लिखे नामों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया।

इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस

1- आनंद से विवाद के बाद संजय जब घर पहुंचा तो उसके बाद ड्यूटी क्यों नहीं गया ?

2 - घर में रहने के दौरान आखिर प्रीति के साथ क्या विवाद हुआ कि संजय ने उसकी व बेटी की हत्या कर दी ?

3 - बेटी सिम्मी को संजय ने क्यों मारा, इसके पीछे उसका क्या मकसद रहा होगा ?

4 - जिस वजनदार वस्तु से संजय ने पत्नी और बेटी पर हमला बोला वह कहां गायब हो गया, संजय ने उसे कहां छुपाया ?

5 - संजय ने जब प्रीति या सिम्मी पर वार किया तो दोनों की चीख क्यों नहीं निकलीं, यदि चीखीं थीं तो नीचे संजय के माता पिता को आवाज सुनाई क्यों नहीं दी ?

6 - प्रीति के मुंह से झाग निकल रहा था, आखिर सल्फास की डिब्बी कमरे में कौन लाया और प्रीति ने क्यों खाई ?

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

22 जून को सुबह 6.30 बजे ऑटो वालों से संजय ने यह कहा कि बेटी और प्रीति की तबीयत ठीक नही है। पड़ोसियों ने उसे गैलरी में देखा। कुछ देर बाद बजे संजय ने दरवाजा बंद कर लिया। सुबह 11 बजे जब पिता आरके फसाटे संजय के पास गए तो घर का दरवाजा बंद था। जिसके बाद उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया। इसी दौरान पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची । संजय का शव दरवाजे की म्यार में लटकर रहा था जबकि प्रीति और सिम्मी के शव बिस्तर पर पड़े हुए थे।

कौन है आंनद जुगानी

ग्वालटोली निवासी आनंद पिता रामदास जुगानी दवा व्यावसायी है। एसपीएम में भी दवा सप्लाई का काम करता है। पिछले 16 साल सालों से संजय से दोस्ती थी।

कौन है हेमचंद फसाटे

पूना निवासी हेमचंद राव फसाटे रेलवे का रिटायर सुपरवाईजर है। इटारसी में भी सुपरवाईजर के पद पर काम कर चुका है। वर्ष 2012 में रिटायर होने के बाद पूना में शिफ्ट हो गया।

जांच की जा रही है

सुसाइड नोट के आधार पर आनंद जुगानी और उसके चाचा हेमचंद पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। आनंद को गिरफ्तार कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया है। हेमचंद को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। हर पहलु को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।

- एपी सिंह, एसपी