जिले में नहीं बना एक भी प्रकरण

08एचओएस01

होशंगाबाद। दीपावली की रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जाएंगे। वह भी कम आवाज यानी कि 125 डेसीबल आवाज के । सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का जिले में खूब मखौल उड़ा। लोगों ने देररात तक जमकर पटाखे फोड़े। हालांकि इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने दीपावली के दो दिन पहले कलेक्टर प्रियंका दास और पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना के नेतृत्व में संयुक्त निगरानी दल का गठन कि या था। पुलिस अधीक्षक ने रात 10 बजे के बाद पटाखा फोड़ने वालों की वीडियोग्राफी बनाने और उन पर कार्‌रवाई के निर्देश दिये थे। साथ ही थाना प्रभारियों को पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिये थे। परंतु दीपावली की रात पुलिस के ये तमाम प्रयास थोथे साबित हुए। इसका उदाहरण यह है कि जिले भर में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के उल्लंघन का एक भी के स दर्ज नहीं हुआ।

देररात चले पटाखे

जिला मुख्यालय पर ही पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करा पाई, तो ग्रामीण अंचलों में तो सवाल ही नहीं उठता। दीपावली के दिन हालात यह थे कि होशंगाबाद के कोठी बाजार, सराफा, सतरस्ता, मीनाक्षी चौक जैसे क्षेत्रों में भी रात 10 बजे के बाद जमकर पटाखों का शोरगुल सुनने को मिला। जिला अस्पताल में भर्ती मरीज कंछेदीलाल ने बताया पटाखों के कारण देररात तक नींद नहीं आई। गांधी चौक पर रहने वाले व्यवसायी सुनील गुप्ता ने बताया बाजार में रहने वाले दुकानदार तो रात 10 बजे के बाद ही फ्री होते हैं। इसके बाद लक्ष्मी पूजन और पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरु होता है।

तहसील मुख्यालयों पर भी उड़ा मखौल

इटारसी, सिवनीमालवा, पिपरिया, सोहागपुर और बाबई में भी देररात तक पटाखों कानफोडू शोर लोगों की नींद में खलल डालता रहा। हमारे स्थानीय संवाददाताओं के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर रहा। रात 10 बज के बाद न तो पुलिस ने लोगों को पटाखे फोड़ने से रोका और न कि सी को रंगेहाथों पकड़ कर उस पर प्रकरण दर्ज कि या। इसी का नतीजा था कि रात एक बजे तक लोग अपने घर के सामने और सड़क पर पटाखे चलाते रहे। ओर तो ओर थाना क्षेत्र के आसपास भी देररात तक पटाखे चलते रहे, परंतु पुलिस ने रोकने की जहमत उठाना जरुरी नहीं समझा।

बाक्स

न वीडियोग्राफी न के स बनाया

एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को रात 10 बजे के बाद पटाखा चलाने वालों पर कार्‌रवाई के निर्देश दिये थे। साथ ही कहा था कि रात 10 बजे के बाद जो भी पटाखा चलाते मिले उसकी वीडियोग्राफी कराई जाये। परंतु कि सी भी थाने ने न तो प्रकरण दर्ज कि या और न ही वीडियोग्राफी कराई। नवदुनिया ने जब इस बारे में होशंगाबाद के दोनों थानों कोतवाली, देहात के टीआई, इटारसी टीई समेत सिवनीमालवा, सोहागपुर, पिपरिया, बाबई के थानाप्रभारियों से बात की तो इन सभी का जवाब गोलमाल था। उनका कहना था कि हमारे क्षेत्र में रात 10 पटाखे ही नहीं चले। वहीं कहीं से शिकायत मिली भी तो वहां बच्चे पटाखे चलाते मिले। उन्हें समझाईश देकर छोड़ दिया गया।

इनका कहना है

- सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिये थे कि रात 10 बजे के बाद पटाखे न चले। इसके लिए पुलिस कर्मचायिों के साथ-साथ अधिकारी देर रात तक गश्त पर रहे। कु छ स्थानों पर बच्चे पटाखे चलाते मिले, उन्हें समझाईश देकर छोड़ दिया गया।

- राके श खाखा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।