- बड़ी कार्रवाई : समय-सीमा ने नहीं कराया था प्रोजेक्ट का पंजीयन

- अब पंजीयन कराने के लिए चार गुना लेट फीस भी देनी पड़ेगी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

हाउसिंग प्रोजेक्ट का समय-सीमा में पंजीयन नहीं कराने पर रेरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलार के यूनीहोम्स प्रोजेक्ट पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही देरी से पंजीयन कराने के लिए स्टैंडर्ड फीस के चार गुना लेट फीस भी देनी होगी।

रेरा एक्ट के 1 मई 2017 को लागू होने के बाद सभी निर्माणाधीन और नए प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीयन कराना जरूरी है। इस पंजीयन की समय-सीमा प्लानिंग एरिया के लिए 31 जुलाई 2017 और नॉन प्लानिंग एरिया के लिए 6 अक्टूबर 2017 तय की गई थी।

व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद एसवीएस बिल्डकॉन के यूनीहोम्स प्रोजेक्ट बैरागढ़ चीचली कोलार स्थित टॉवर सी- 1 और सी-13 परियोजना का पंजीयन नहीं कराया गया। जिसके कारण रेरा एक्ट की धारा 59 के तहत यह कार्रवाई की गई है।

सुनवाई के दौरान एवीएस बिल्डकॉन की तरफ से वर्ष 2013 की कोलार नगर पालिका द्वारा जारी कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया गया था, लेकिन प्राधिकरण ने जांच के बाद पाया कि प्रोजेक्ट 1 मई 2017 की स्थिति में अपूर्ण था। वर्तमान में भी अपूर्ण है। इसलिए इसे प्रचलित श्रेणी में मानते हुए कार्रवाई की गई है। बता दें कि अभी तक प्रदेश की करीब 1700 परियोजनाओं का पंजीयन हो चुका है।

- महापौर की चौपाल में हो चुकी है शिकायत

इधर, गत सोमवार को यूनीहोम्स भोपाल वेलफेयर सोसायटी द्वारा महापौर आलोक शर्मा द्वारा लगाई गई भोपाल की चौपाल में भी धोखाधड़ी की शिकायत की गई है। इसमें कहा गया है कि एसवीएस बिल्डकॉन के संचालकों द्वारा गलत जानकारी देकर धोखाधड़ी से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया। नगर पालिका कोलार के पास बंधक रखे अपार्टमेंट और फ्लैट भी बेच दिए गए। जबकि काम अधूरा है। समिति के पदाधिकारियों ने मांग की है कि बंधक मुक्त कराए गए टावर की राशि वसूल करते हुए प्रापर्टी को नीलाम कर कॉलोनी का विकास काराया जाए। साथ ही मेसर्स खनेजा प्राइवेट लिमिटेड और एसवीएस बिल्डकान के विरुद्घ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।