भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। मध्यप्रदेश की करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाना है, लेकिन नदी, तालाब, विकास योजनाओं की जगह पर बनी अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं किया जाएगा। अवैध कॉलोनियों को वै करने के लिए यह प्रावधान रखा गया है। माना जा रहा है कि इससे मप्र की लगभग 500 अवैध कॉलोनी वैध नहीं हो पाएगी।

नगरीय विकास विभाग ने विकास योजना, मुख्य मार्ग, पार्क, खेल मैदान, सांस्कृतिक अस्तित्वों के क्षेत्र, नदी, तालाब, नाले और हरित क्षेत्र या आमोद-प्रमोद के क्षेत्र पर स्थित अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं करने का प्रावधान किया है। सभी नगरीय निकाय अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। कई नगरीय निकाय उन कॉलोनियों की सूची भी प्रकाशित कर चुके हैं, जिन्हें वैध किया जाना है। राज्य सरकार ने कॉलोनियों को वैध करने के लिए 15 अगस्त की डेडलाइन तय की है। इससे पहले सभी कॉलोनियों का नियमितीकरण किया जाना है। सूत्रों के मुताबिक भोपाल के बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में बनी 39 कॉलोनियों को इसके बावजूद वैध किया जा रहा है, क्योंकि नियमों में कैचमेंट एरिया को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

5 हजार से बढ़कर 7 हजार हुई कॉलोनियों की संख्या

पूरे प्रदेश में सरकार के नियमों के मुताबिक नियमित होने योग्य अवैध कॉलोनियों की संख्या 2 हजार बढ़ गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नियमित होने वाली कॉलोनी की संख्या 6967 हो गई है। इनमें से निकायों ने 6067 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सूची का प्रकाशन भी कर दिया है। निकायों को 15 अगस्त तक कॉलोनी वैध करनी है।