भोपाल। मध्‍यप्रदेश में जल्द ही होने वाली 30 हजार शिक्षकों की भर्ती में संविदाकर्मियों को मौका नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकार से 20 प्रतिशत पद संविदाकर्मियों को देने के प्रावधान से छूट मांगी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सीधे छूट देने की जगह यह राय दी है कि कोटा देने का फैसला कैबिनेट ने लिया था, इसलिए राहत भी उसी से मांगी जाए।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी विभागों से रिक्त पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रक्रिया इसी माह पूरी करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती के लिए नियम प्रक्रियाएं तय कर प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) से भर्ती कराने की तैयारी कर ली है। इसके मद्देनजर विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को 20 प्रतिशत पद संविदाकर्मियों से भरे जाने के नियम से छूट देने का प्रस्ताव भेजा था।

इसके पीछे विभाग का तर्क है कि 50 प्रतिशत पद महिलाओं से भरे जाने हैं और 25 प्रतिशत स्थान अतिथि विद्वानों के लिए आरक्षित रखे जाने हैं। इसके बाद यदि 20 प्रतिशत स्थान संविदाकर्मियों को दे दिए जाते हैं तो फिर सिर्फ पांच पद ही बचेंगे। वैसे भी शिक्षकों की भर्ती के लिए डीएलएड और बीएड की अनिवार्य शर्त रहती है। ऐसे में संविदाकर्मियों के लिए पद आरक्षित रखने से इनके खाली रहने की संभावना बन जाती है।

सूत्रों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग को इसे लौटा दिया है। इसमें कहा गया है कि नियमित पदों की भर्ती में संविदाकर्मियों के लिए 20 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखने का निर्णय कैबिनेट ने लिया है। इसमें किसी भी प्रकार की छूट कैबिनेट ही दे सकती है, इसलिए प्रस्ताव वहीं प्रस्तुत किया जाए।

बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग की राय मिलने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग कैबिनेट में छूट के लिए प्रस्ताव रख सकता है। उधर, संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेश राठौर का कहना है कि अभी तक सरकार का फैसला लागू ही नहीं हो पाया है। पीईबी से अभी जिन भर्तियों के विज्ञापन निकले हैं, उनमें भी संविदाकर्मियों के लिए कोई प्रावधान नहीं हैं।

विभागों ने नहीं बदले भर्ती नियम

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट का फैसला लागू करने के लिए सभी विभागों को भर्ती नियमों में बदलाव करना है। अधिकांश विभागों ने अभी अपने भर्ती नियमों में बदलाव करके 20 प्रतिशत पद संविदाकर्मियों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान नहीं किया है। इसके बिना कोई भी विभाग भर्ती में संविदाकर्मियों को मौका नहीं दे सकता है। यही वजह है कि सभी विभागों को लिखा गया है कि भर्ती नियमों में जल्द बदलाव कराएं।