इंदौर। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा द्वारा जोधपुर में आयोजित अखिल भारतीय माहेश्वरी अधिवेशन में समाज की घटती हुई जनसंख्या पर चिंता जताई गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि अब समाज का नारा 'हम दो हमारे दो' नहीं, बल्कि 'हम दो हमारे तीन' होगा।

पदाधिकारियों ने कहा कि हम अभी नहीं जागे तो 2050 तक समाज की जनसंख्या दो लाख तक सिमट जाएगी। सर्वोच्च समिति, कार्य समिति एवं कार्यकारी मंडल की बैठक में सर्वानुमति से निर्णय लिया गया कि माहेश्वरी समाज में अब युवाओं को तीन बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

यह बात न्यायाधीश आरसी लाहोटी ने अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में रखी थी। उन्होंने कहा था कि पारसी समाज की तरह हमारे सामने लुप्त होने का संकट खड़ा है। इसके लिए प्रचार-प्रसार और जनजागरण अभियान चलाने का भी फैसला लिया गया। सभा की राष्ट्रीय समिति के सदस्य रामस्वरूप मूंदड़ा और कार्यकारी मंडल के सदस्य अशोक डागा ने बताया कि जोधपुर अधिवेशन में 22 देश और 430 जिलों से 35 हजार से भी अधिक समाजजन शामिल हुए।

इन मुद्दों पर भी हुए निर्णय

माहेश्वरी महासभा के अध्यक्ष श्याम सोनी ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर समाजजन को जो किराए के मकान में रहते हैं, उनके लिए माहेश्वरी कॉलोनी या अपार्टमेंट बनाकर 'नो प्रॉफिट नो लॉस' पर मकान उपलब्ध कराया जाएगा।

-अधिवेशन में प्री वेडिंग शूट पर प्रतिबंध कायम रखने का निर्णय भी लिया और इसके प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की बात कही गई।

- कन्या के जन्म पर उत्सव मनाने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि समाज में बालिकाओं की घटती हुई संख्या को रोका जा सके। इसके लिए एक गाइड लाइन भी जारी की जाएगी।