इंदौर (स्र्मनी घोष)। सीबीएसई द्वारा हाल ही में जारी 12वीं की डेट शीट (परीक्षा टाइम टेबल) में गैप मिलने से विद्यार्थी परेशान हैं। उन्होंने टि्वटर, फेसबुक के जरिए प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्री, सीबीएसई चेअरमैन, एक्जाम कंट्रोलर सहित जवाबदारों के नाम चिट्ठी लिखी है। उधर, विद्यार्थियों की परेशानी भांप मध्यप्रदेश के सहोदय समूह के अध्यक्ष सामने आ रहे हैं।

भोपाल सहोदय के चेअरमैन अलेक्स थंपी और ग्वालियर के अध्यक्ष निकेश शर्मा ने सीबीएसई एक्जाम कंट्रोलर केके चौरी को इस परेशानी से अवगत करवाने की बात कही है। वहीं इंदौर व जबलपुर सहोदय की चेअरपर्सन अर्चना शर्मा व राजेश चंदेल का मानना है कि प्री बोर्ड के जरिए शिक्षक और विद्यार्थी अपनी तैयारी करें।

अंग्रेजी-फिजिक्स के बीच एक दिन का गैप

10 जनवरी को जारी डेटशीट के अनुसार, 5 मार्च को अंग्रेजी का प्रश्नपत्र है और 7 मार्च को फिजिक्स। विद्यार्थियों के अनुसार फिजिक्स रिविशन के लिए सिर्फ एक दिन का समय पर्याप्त नहीं है। वहीं, ह्यूमैनिटीज में पांच से 10 अप्रैल के बीच बिना गैप के साइकोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, लीगल स्टडीज, फिजिकल एजुकेशन जैसे विषयों की परीक्षा है। जी-मेन्स की परीक्षा 8 से 16 अप्रैल के बीच है और 9 अप्रैल को फिजिकल एजुकेशन का पेपर होने से तैयारी नहीं हो पाएगी। फाइन आर्ट्स और एकाउंटेंसी विषय में गैप नहीं होने से परेशानी है।

अंग्रेजी के अंकों पर पड़ेगा असर

इंदौर में अंग्रेजी फैकल्टी योगेंद्र दुबे का आकलन है साइंस के विद्यार्थी पूरा समय फिजिक्स की तैयारी में लगाएंगे और अंग्रेजी की तैयारी एकाग्रता से नहीं कर पाएंगे। इसका असर देशभर में अंग्रेजी विषय के स्कोर पर पड़ सकता है।

कम से दो दिन का अंतराल मिलता था।

डेटशीट के हिसाब से 2015 में सभी मुख्य विषयों के बीच 2 से 7 दिन का गैप था। इसी तरह 16 में 4 से 10 दिन का अंतराल था, जबकि 17 में दो से 10 दिन तक का गैप था।

इसलिए गैप कम किया

सहोदय अध्यक्ष राजेश चंदेल के मुताबिक बीते सालों में सीबीएसई की परीक्षाएं अप्रैल आखिरी सप्ताह तक चलती थीं। पिछले साल रिवैल्यूएशन के दौरान बहुत से छात्रों के अंकों में वृद्धि होने के बाद यह बात बात सामने आई थी चेकिंग के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता। इस साल सीबीएसई ने दसवीं की परीक्षा 4 और 12वीं की 12 अप्रैल तक खत्म करने की योजना बनाई है। इसलिए गैप कम है।